सीएम योगी को छठ महापर्व का न्योता: भोजपुरी समाज ने की मुलाकात, लखनऊ में दो दिन का सार्वजनिक अवकाश मांगा

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भोजपुरी समाज के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर आगामी छठ महापर्व के अवसर पर दो दिन का सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग की है। भोजपुरी समाज के प्रदेश अध्यक्ष ने सीएम योगी को छठ पर्व का पारंपरिक निमंत्रण पत्र भेंट किया और उनसे निवेदन किया कि इस पर्व को उत्तर प्रदेश में भी व्यापक स्तर पर मनाने के लिए सरकार सहयोग करे। यह पर्व न केवल बिहार और झारखंड बल्कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा हुआ है, जो सूर्य उपासना का सबसे बड़ा त्यौहार माना जाता है।
मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बताया कि छठ महापर्व चार दिनों तक चलने वाला एक प्रमुख लोक आस्था का पर्व है, जिसमें महिलाएं निर्जला व्रत रखकर सूर्य देव और छठी मईया की पूजा करती हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के गोरखपुर, वाराणसी, बलिया, देवरिया, बस्ती, मऊ और लखनऊ जैसे शहरों में बड़ी संख्या में लोग छठ पूजा मनाते हैं, इसलिए सरकार को इसे दो दिन का अवकाश घोषित करना चाहिए ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के व्रत और पूजा में शामिल हो सकें।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रतिनिधिमंडल की बात ध्यानपूर्वक सुनी और आश्वासन दिया कि सरकार इस मांग पर सकारात्मक विचार करेगी। उन्होंने कहा कि यूपी सरकार हर धर्म और परंपरा के त्योहारों के प्रति समान सम्मान रखती है और छठ जैसे सांस्कृतिक पर्व देश की भारतीय परंपरा और लोक संस्कृति की धरोहर हैं।
गौरतलब है कि छठ पूजा इस बार 28 अक्टूबर 2025 से शुरू होकर 31 अक्टूबर तक चलेगी। इस पर्व के दौरान नहाय-खाय, खरना, संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य जैसे धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होते हैं। यदि योगी सरकार इस बार दो दिन का सार्वजनिक अवकाश घोषित करती है, तो यह न केवल प्रदेश के छठ भक्तों के लिए बड़ी खुशी की बात होगी, बल्कि यूपी में लोकआस्था और सांस्कृतिक एकता को भी मजबूती मिलेगी।



