
अमेरिका ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी वैश्विक मुहिम को जारी रखते हुए नाइजीरिया में सक्रिय आतंकी संगठन ISIS के ठिकानों पर बड़ी एयर स्ट्राइक की है। इस कार्रवाई का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आतंकियों के ठिकानों को निशाना बनाते हुए जबरदस्त विस्फोट होते दिखाई दे रहे हैं। अमेरिकी रक्षा विभाग के अनुसार, यह हमला नाइजीरिया के उस इलाके में किया गया है जहां ISIS से जुड़े आतंकी लंबे समय से सक्रिय थे और स्थानीय सुरक्षा बलों तथा आम नागरिकों पर हमले कर रहे थे।
बताया जा रहा है कि यह एयर स्ट्राइक नाइजीरिया सरकार के साथ खुफिया जानकारी साझा करने और आपसी समन्वय के बाद की गई। अमेरिका का कहना है कि इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य आतंकियों की कमर तोड़ना, उनके प्रशिक्षण शिविरों और हथियार भंडारों को नष्ट करना था। शुरुआती आकलन में कई आतंकियों के मारे जाने की खबर है, हालांकि आधिकारिक तौर पर अभी संख्या की पुष्टि नहीं की गई है।
नाइजीरिया लंबे समय से आतंकवाद की समस्या से जूझ रहा है। बोको हराम और ISIS से जुड़े संगठन देश के उत्तर-पूर्वी हिस्सों में हिंसा फैलाते रहे हैं। इन आतंकी गतिविधियों के कारण हजारों लोगों की जान जा चुकी है और लाखों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। ऐसे में अमेरिका की यह कार्रवाई नाइजीरिया के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखी जा रही है।
सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि सटीक निशाने के साथ आतंकी ठिकानों पर बमबारी की गई, जिससे इलाके में मौजूद संरचनाएं पूरी तरह तबाह हो गईं। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की एयर स्ट्राइक आतंकियों के मनोबल को कमजोर करती है और उनकी गतिविधियों पर लगाम लगाने में मददगार साबित होती है।
हालांकि, कुछ मानवाधिकार संगठनों ने इस तरह की सैन्य कार्रवाई पर चिंता भी जताई है। उनका कहना है कि एयर स्ट्राइक के दौरान आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। अमेरिका और नाइजीरिया दोनों ने स्पष्ट किया है कि इस ऑपरेशन में नागरिकों को नुकसान न पहुंचे, इसके लिए विशेष सावधानी बरती गई।
कुल मिलाकर, नाइजीरिया में ISIS के खिलाफ की गई यह अमेरिकी एयर स्ट्राइक आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग का एक अहम उदाहरण है। आने वाले समय में इस कार्रवाई का क्षेत्रीय सुरक्षा पर क्या असर पड़ेगा, इस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।



