
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विदेश नीति में एक बड़ा उलटफेर करते हुए 29 देशों से अपने राजदूतों को वापस बुलाने का ऐलान किया है, जो अंतरराष्ट्रीय राजनीति में व्यापक चर्चा का विषय बन गया है। यह कदम उन राजदूतों को प्रभावित करता है जो सर्विस करियर डिप्लोमेट थे और अधिकांश को पूर्व प्रशासन (जैसे बाइडन सरकार) के दौरान नियुक्त किया गया था। ट्रंप प्रशासन के अनुसार, यह एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है क्योंकि एक नए अध्यक्ष को यह अधिकार होता है कि वह दुनिया भर में अपने प्रतिनिधियों को चुनने और नियुक्त करने का निर्णय स्वयं ले। लेकिन इस बार की पहल सिर्फ प्रशासनिक बदलाव नहीं लग रही, बल्कि यह ट्रंप की “America First” (अमेरिका पहले) विदेश नीति के अनुरूप एक रणनीतिक बदलाव भी माना जा रहा है।



