CBI (केंद्रीय जांच ब्यूरो) ने एक बड़े भ्रष्टाचार मामले में Tata कॉलेज के चांसलर, स्वास्थ्य मंत्रालय के आठ वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य कुल 34 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। यह मामला सरकारी फंड के दुरुपयोग, फर्जी दस्तावेजों के ज़रिए अनियमित नियुक्तियों और घोटाले से जुड़ा बताया जा रहा है।
CBI की शुरुआती जांच में पाया गया कि स्वास्थ्य मंत्रालय के कुछ अधिकारियों ने निजी संस्थानों के साथ मिलकर न केवल सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी की, बल्कि कथित रूप से बड़ी मात्रा में रिश्वत और कमीशन भी लिया गया। Tata कॉलेज के चांसलर पर आरोप है कि उन्होंने इस पूरे रैकेट में सक्रिय भूमिका निभाई और कई फर्जी एजुकेशनल परमिशन दिलवाने में मदद की।
🔸 CBI का बयान:
CBI ने बताया कि सभी के खिलाफ धारा 120B, 420, 467, 468 और 471 के तहत केस दर्ज किया गया है और मामले की जांच तेज़ी से आगे बढ़ाई जा रही है। जल्द ही कुछ और गिरफ्तारी भी हो सकती है।
✅ अंत में:
यह कार्रवाई दिखाती है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकारी एजेंसियां अब सख्त रुख अपना रही हैं। उच्च पदों पर बैठे लोग भी यदि गलत करते हैं, तो उन्हें कानून का सामना करना ही पड़ेगा।



