कमला पर्साद बिसेसर, त्रिनिदाद और टोबैगो की पूर्व प्रधानमंत्री, एक ऐसी प्रवासी भारतीय नेता हैं जिनकी जड़ें भारत के बिहार राज्य से जुड़ी हैं। हाल ही में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उनसे मुलाकात हुई, तो उन्होंने उन्हें बड़े सम्मानपूर्वक ‘बिहार की बेटी’ कहकर संबोधित किया। साथ ही, पीएम मोदी ने उन्हें भारत की पारंपरिक कला और संस्कृति से जुड़ा विशेष उपहार भी भेंट किया।
कमला बिसेसर न केवल अपनी मातृभूमि त्रिनिदाद में एक सशक्त राजनीतिक चेहरा हैं, बल्कि वे भारतीय मूल के लोगों के सम्मान और गर्व की प्रतीक भी बन चुकी हैं। उनके पूर्वज 19वीं सदी में ब्रिटिश काल में गिरमिटिया मजदूरों के रूप में भारत से वहां गए थे, और आज उनकी संतानें उस देश का नेतृत्व कर रही हैं।
🔸 भारत से भावनात्मक रिश्ता
कमला बिसेसर कई बार भारत आ चुकी हैं और उन्होंने हमेशा अपने भारतीय मूल को गर्व से स्वीकारा है। उनका बिहार से जुड़ाव बताता है कि भारत की जड़ें कैसे दुनिया के कोनों-कोनों में फैली हुई हैं और आज भी लोगों के दिलों में बसी हैं।
✅ अंत में:
कमला बिसेसर को ‘बिहार की बेटी’ कहकर पीएम मोदी ने न केवल एक नेता को सम्मानित किया, बल्कि विश्व में फैले भारतीय मूल के लोगों के साथ सांस्कृतिक रिश्ते को भी और मजबूत किया। यह सम्मान भारत की सॉफ्ट पावर और सांस्कृतिक विरासत का अद्भुत उदाहरण है।



