जनता की सुनवाई में सीएम योगी का एक्शन: गरीबों को मिलेगा घर और मुफ्त इलाज

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक बार फिर जनता के मसीहा बनकर सामने आए हैं। गोरखपुर में जनता दरबार के दौरान उन्होंने आम लोगों की फरियाद सुनी और कई शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जरूरतमंदों को न केवल आवास योजनाओं का लाभ दिया जाए बल्कि जिनके पास इलाज के पैसे नहीं हैं, उन्हें सरकारी सहायता से तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
सीएम योगी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं है, बल्कि उन योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर जिले में गरीब परिवारों की सूची बनाकर उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से जोड़ा जाए। साथ ही, जिन परिवारों के पास पक्का घर नहीं है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर आवास मुहैया कराया जाए।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि किसी भी मरीज को आर्थिक तंगी के कारण इलाज से वंचित नहीं रहना चाहिए। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को दवाइयां और जांचें मुफ्त में उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि शिकायतकर्ता को बार-बार अधिकारियों के चक्कर लगाने की नौबत न आए, इसके लिए जिला प्रशासन को जवाबदेह बनाया जाएगा।
योगी आदित्यनाथ की इस पहल से जनता में खुशी की लहर है। लोगों का कहना है कि सीएम खुद जब जनता की समस्याएं सुनते हैं, तो प्रशासनिक मशीनरी भी तुरंत सक्रिय हो जाती है। उनकी यह संवेदनशीलता उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक मिसाल बनती जा रही है। “घर भी मिलेगा और इलाज भी” का यह वादा अब गरीबों के जीवन में नई उम्मीद जगा रहा है।



