योगी आदित्यनाथ का तीखा हमला: जिन्ना पर बोले – ‘भारत को तोड़ने वालों की नहीं चलेगी सोच’

बिहार चुनाव 2025 के प्रचार अभियान के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान एक बार फिर चर्चा में आ गया है। मधुबनी की चुनावी सभा में उन्होंने विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए कहा – “देश में दोबारा जिन्ना पैदा होने से पहले उसे दफ्न करना होगा।” उनके इस बयान ने राजनीतिक हलकों में गर्माहट पैदा कर दी है। योगी का यह बयान देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रवाद के मुद्दे को सामने रखते हुए विपक्ष की विचारधारा पर सीधा हमला माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिन्ना जैसी सोच रखने वाले लोग देश के लिए हमेशा खतरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज भी कुछ दल समाज को धर्म और जाति के नाम पर बांटने की कोशिश कर रहे हैं, जो उसी विभाजनकारी राजनीति की झलक है, जिसने 1947 में भारत को खंडित किया था। योगी ने लोगों से अपील की कि वे ऐसे नेताओं से सावधान रहें जो ‘वोट बैंक की राजनीति’ के लिए देश की एकता को कमजोर करते हैं।
योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि देश आज आत्मनिर्भर भारत की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा का लक्ष्य सत्ता नहीं, बल्कि ‘राष्ट्र निर्माण’ है। उनके अनुसार, भारत में आज जो विकास और सुरक्षा का वातावरण बना है, उसे विपक्ष नहीं देख पा रहा क्योंकि वह केवल राजनीतिक स्वार्थ में अंधा हो गया है।
विपक्षी दलों ने योगी आदित्यनाथ के बयान को चुनावी स्टंट बताया, लेकिन भाजपा नेताओं का कहना है कि यह देश की सुरक्षा और एकता के प्रति सच्चे इरादों की झलक है। योगी ने अपने भाषण में कहा कि भारत को जिन्ना नहीं, बल्कि सरदार पटेल जैसे राष्ट्रनायकों की सोच की जरूरत है जिन्होंने देश को एकजुट किया।
इस बयान से साफ है कि भाजपा इस चुनाव में राष्ट्रवाद और विकास दोनों को मुद्दा बनाकर जनता के बीच जा रही है, वहीं योगी आदित्यनाथ अपने तेजस्वी अंदाज में विपक्ष को कठघरे में खड़ा करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।



