CM योगी की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ — ‘राजनैतिक इस्लाम’ और ‘हलाल सर्टिफिकेशन’ को बताया देश के लिए खतरा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में अपने सख्त और स्पष्ट बयानों से एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। लखनऊ में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम ‘दस्तक’ में सीएम योगी ने देश के सामने खड़े खतरों को लेकर बड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि भारत की एकता और सनातन संस्कृति के खिलाफ सबसे बड़ा हमला “राजनैतिक इस्लाम” और “हलाल सर्टिफिकेशन” के माध्यम से हो रहा है। योगी ने इन दोनों को देश की अखंडता और सांस्कृतिक सुरक्षा के लिए “गंभीर खतरा” बताया।
सीएम योगी ने कहा कि जैसे देश की सीमाओं पर सर्जिकल स्ट्राइक की जरूरत पड़ती है, वैसे ही अब “विचारधारा की सर्जिकल स्ट्राइक” की आवश्यकता है। उन्होंने दावा किया कि कुछ ताकतें भारत की धार्मिक एकता को तोड़ने, समाज में भ्रम फैलाने और आर्थिक प्रणाली को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही हैं। “हलाल सर्टिफिकेशन” को लेकर योगी ने कहा कि यह केवल धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि एक “आर्थिक हथियार” है, जिससे देश की व्यापारिक संरचना पर असर डालने का प्रयास किया जा रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा कि भारत की आत्मा सनातन धर्म में निहित है, और जो भी ताकतें इसे कमजोर करने का प्रयास करेंगी, उन्हें मुंहतोड़ जवाब मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि “राजनैतिक इस्लाम” के नाम पर समाज को बांटने और तुष्टिकरण की राजनीति करने वाले नेताओं को जनता अब बख्शने वाली नहीं है।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों की उन नीतियों का भी उल्लेख किया जिनसे राष्ट्र की सुरक्षा, आर्थिक स्वावलंबन और सांस्कृतिक गौरव को नई दिशा मिल रही है। योगी के इस बयान को कई राजनीतिक विश्लेषक “विचारधारात्मक सर्जिकल स्ट्राइक” बता रहे हैं, जो भारत की राजनीतिक विमर्श में एक नया अध्याय जोड़ रही है।
सीएम योगी का यह स्पष्ट और तीखा बयान न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है। उनके अनुसार, “भारत के लिए अब समय आ गया है कि हम सांस्कृतिक, आर्थिक और धार्मिक स्तर पर आत्मनिर्भर बनें — तभी राष्ट्र सशक्त और सुरक्षित रह सकेगा।”



