
महिला विंग की राजनीति में चल रही एक गुप्त साजिश का पर्दाफाश होने के बाद बड़ा भूचाल आ गया है। खबरों के मुताबिक, अफिरा बीबी, डॉ. शाहीन और एक तीसरा प्रभावशाली चेहरा लंबे समय से वुमेन विंग के अंदर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए एक योजना पर काम कर रहे थे। लेकिन अंदरूनी मतभेद और कुछ सदस्यों की सूझबूझ के कारण यह पूरी प्लानिंग फेल हो गई।
सूत्रों के अनुसार, अफिरा बीबी और डॉ. शाहीन ने मिलकर संगठन में अपने गुट को बढ़ाने और नेतृत्व परिवर्तन की दिशा में कदम बढ़ाया था। दोनों के बीच हुई कई गुप्त बैठकों में यह तय किया गया था कि आने वाले कार्यक्रमों में मौजूदा नेतृत्व को किनारे कर खुद को प्रमुख पदों पर स्थापित किया जाएगा। परंतु, योजना के लीक होने के बाद वुमेन विंग की मुख्य समिति ने इस पर तुरंत संज्ञान लिया और कार्रवाई शुरू कर दी।
बताया जा रहा है कि यह पूरा मामला उस समय बिगड़ा जब संगठन के कुछ वरिष्ठ सदस्यों को अंदरूनी ईमेल और संदेशों की जानकारी मिली। इससे यह साफ हो गया कि महिला विंग के भीतर दो धड़े बन चुके हैं। अफिरा बीबी और डॉ. शाहीन की यह रणनीति सत्ता की चाह में गढ़ी गई थी, लेकिन इसने संगठन की एकजुटता को कमजोर कर दिया।
इस घटना के बाद संगठन की केंद्रीय इकाई ने दोनों नेताओं से जवाब-तलब किया है और जांच कमेटी गठित कर दी गई है। अफिरा बीबी ने खुद पर लगे आरोपों को “राजनीतिक षड्यंत्र” बताया है, जबकि डॉ. शाहीन ने कहा कि “हम संगठन को मजबूत करने का प्रयास कर रहे थे, न कि तोड़ने का।”
हालांकि, अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि तीसरे व्यक्ति, जो अभी तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है, इस पूरी योजना का “मुख्य संयोजक” था। उसके बिना यह रणनीति संभव ही नहीं थी।
अब संगठन में इस घटनाक्रम के बाद माहौल तनावपूर्ण है। उच्च पदस्थ अधिकारी इस बात पर मंथन कर रहे हैं कि ऐसे विवादों से संगठन की साख को कैसे बचाया जाए। फिलहाल, यह तय है कि अफिरा बीबी और डॉ. शाहीन की यह “पॉलिटिकल खिचड़ी” पूरी तरह पकने से पहले ही फेल हो गई और पर्दे के पीछे की साजिश अब सबके सामने आ चुकी है।



