


देश में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की बढ़ती लागत सरकार और नीति निर्माताओं के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गई है। आंकड़ों के अनुसार, विभिन्न परियोजनाओं की कुल लागत में 4.92 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है। इन परियोजनाओं पर अब तक 21.97 लाख करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं।
लागत में यह बढ़ोतरी कई कारणों से हुई है, जिनमें परियोजनाओं में देरी, निर्माण सामग्री की कीमतों में वृद्धि, जमीन अधिग्रहण से जुड़ी समस्याएं और अन्य प्रशासनिक चुनौतियां शामिल हैं। बड़े सड़क, रेलवे, ऊर्जा और अन्य विकास कार्यों पर इसका सीधा असर पड़ा है।
सरकार लगातार इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में निवेश बढ़ाने और परियोजनाओं को समय पर पूरा करने पर जोर दे रही है। बेहतर निगरानी और डिजिटल मॉनिटरिंग के जरिए प्रोजेक्ट्स में देरी कम करने की कोशिश की जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर आर्थिक विकास के लिए जरूरी है, लेकिन बढ़ती लागत और समयसीमा में देरी को नियंत्रित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। समय पर परियोजनाएं पूरी होने से देश की अर्थव्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद है।