काशी के घाटों पर जगमगाई दिव्यता: 25 लाख दीयों से सजी देव दीपावली, रोशनी में नहाई काशी नगरी

देव दीपावली 2025 के अवसर पर काशी एक बार फिर जगमगाती स्वर्ग नगरी में तब्दील हो गई। वाराणसी के 84 घाटों पर जलाए गए करीब 25 लाख दीयों की दिव्यता ने ऐसा दृश्य रचा मानो धरती पर देवताओं का आगमन हो गया हो। गंगा तट से लेकर आसमान तक रंगबिरंगी रोशनी की परतें फैल गईं। गंगा आरती के दौरान मंत्रों की गूंज और दीपों की लौ के साथ वातावरण में अद्भुत आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ। घाटों पर उमड़े लाखों श्रद्धालु इस अनुपम नजारे को कैमरे में कैद करने और अपने हृदय में बसाने पहुंचे।
इस वर्ष देव दीपावली पर काशी की सड़कों, गलियों और मंदिरों को फूलों व लाइटिंग से सजाया गया। दशाश्वमेध, अस्सी, पंचगंगा और मणिकर्णिका घाटों पर विशेष आकर्षण देखने को मिला। विदेशी पर्यटक भी इस पावन दृश्य के साक्षी बने। गंगा के जल में दीयों का प्रतिबिंब ऐसा लग रहा था मानो आकाश के तारे धरती पर उतर आए हों। शहर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शास्त्रीय संगीत, नृत्य और काव्य पाठ की प्रस्तुति ने माहौल को और भी भावनात्मक बना दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कई प्रमुख हस्तियों ने भी इस अवसर पर दीप जलाकर गंगा माता से प्रार्थना की। इस बार की देव दीपावली पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के संदेश के साथ मनाई गई। “हर घाट, हर दीप – स्वच्छ काशी, दिव्य काशी” थीम पर आधारित इस आयोजन ने पूरे देश में संदेश दिया कि आस्था के साथ पर्यावरण का संतुलन बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।
गंगा के तट पर बसे इस प्राचीन नगर की यह झिलमिलाती रात श्रद्धा, संस्कृति और आध्यात्मिकता का संगम साबित हुई। हर चेहरे पर भक्ति की चमक और हर दीप में आशा की लौ जलती दिखाई दी। देव दीपावली की इस दिव्य बेला ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि काशी सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि स्वयं में एक जीवित आध्यात्मिक अनुभव है।



