मैनपुरी में OTS योजना का असर: 32 करोड़ की वसूली, 35 हजार उपभोक्ताओं को राहत

मैनपुरी जिले में लागू की गई वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना का पहला चरण बेहद सफल साबित हुआ है। इस योजना के तहत जिले को करीब 32 करोड़ रुपये की राजस्व वसूली हुई है, वहीं लगभग 35 हजार उपभोक्ताओं ने अपने पुराने बिजली बिलों के बकाया से राहत पाई है। लंबे समय से बकाया बिजली बिलों से परेशान उपभोक्ताओं के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं रही। कई ऐसे परिवार और छोटे व्यापारी थे, जिन पर वर्षों से भारी-भरकम सरचार्ज और पेनल्टी जुड़ जाने के कारण बिल चुकाना लगभग असंभव हो गया था। OTS योजना ने उन्हें मूल बकाया पर बड़ी छूट देकर दोबारा मुख्यधारा में लौटने का अवसर दिया।
बिजली विभाग के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य सिर्फ राजस्व बढ़ाना नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं और विभाग के बीच विश्वास बहाल करना भी था। पहले चरण में मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया से यह साफ हो गया है कि अगर उपभोक्ताओं को ईमानदार और व्यावहारिक विकल्प दिए जाएं तो वे भुगतान के लिए आगे आते हैं। मैनपुरी के शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों से बड़ी संख्या में लोगों ने योजना का लाभ उठाया। कई लोगों ने वर्षों पुराने विवादित या अटके हुए बिलों को इस योजना के जरिए निपटा दिया, जिससे न केवल उनका बिजली कनेक्शन सुरक्षित हुआ बल्कि मानसिक तनाव भी खत्म हुआ।
इस सफलता से बिजली विभाग को भी बड़ा फायदा हुआ है। 32 करोड़ रुपये की वसूली से विभाग की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, जिससे भविष्य में नेटवर्क सुधार, ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने और बिजली आपूर्ति को बेहतर बनाने जैसे कार्यों में मदद मिलेगी। अधिकारियों का कहना है कि जिन उपभोक्ताओं ने OTS के तहत बकाया चुकाया है, उन्हें आगे समय पर बिल भरने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा ताकि दोबारा ऐसी स्थिति न बने।
स्थानीय प्रशासन और ऊर्जा विभाग की सक्रियता भी इस योजना की कामयाबी का बड़ा कारण रही। जगह-जगह कैंप लगाकर उपभोक्ताओं को योजना की जानकारी दी गई और तुरंत निस्तारण की सुविधा उपलब्ध कराई गई। इससे लोगों का भरोसा बढ़ा और वे बिना झिझक आगे आए। मैनपुरी में OTS योजना का यह पहला चरण आने वाले समय में अन्य जिलों के लिए भी एक मिसाल बन सकता है, क्योंकि इससे यह साबित हुआ है कि सही नीति और पारदर्शी व्यवस्था से सरकार और जनता दोनों को लाभ मिल सकता है।



