चौधरी चरण सिंह जयंती: किसान सम्मान दिवस में किसानों-वैज्ञानिकों को मिला गौरव

पूर्व प्रधानमंत्री एवं ‘भारत रत्न’ चौधरी चरण सिंह जी की जयंती के अवसर पर लखनऊ में आयोजित ‘किसान सम्मान दिवस’ कार्यक्रम ने देश के अन्नदाताओं और कृषि वैज्ञानिकों के सम्मान को नई ऊंचाई दी। इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी ने किसानों और वैज्ञानिकों को सम्मानित करते हुए चौधरी चरण सिंह जी के विचारों और सिद्धांतों को स्मरण किया। चौधरी चरण सिंह जी ने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में किसानों के हित, गांवों के विकास और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया था। उनका मानना था कि जब तक किसान समृद्ध नहीं होगा, तब तक देश की प्रगति अधूरी रहेगी।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने और वैज्ञानिक तकनीकों को खेत तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने आधुनिक कृषि, प्राकृतिक खेती, ड्रिप सिंचाई, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, फसल बीमा योजना और न्यूनतम समर्थन मूल्य जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि इन पहलों से किसानों को वास्तविक लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कृषि वैज्ञानिकों की भूमिका आज पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है, क्योंकि जलवायु परिवर्तन और बढ़ती आबादी के बीच टिकाऊ खेती ही भविष्य का समाधान है।
किसान सम्मान दिवस के दौरान सम्मानित किसानों और वैज्ञानिकों ने अपने अनुभव साझा किए और सरकार की नीतियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि नई तकनीकों, उन्नत बीजों और वैज्ञानिक सलाह से उत्पादन बढ़ा है और लागत में कमी आई है। इससे किसानों का आत्मविश्वास मजबूत हुआ है। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल सम्मान देना ही नहीं, बल्कि किसानों को नवाचार, अनुसंधान और आधुनिक सोच से जोड़ना भी था।
चौधरी चरण सिंह जी की जयंती पर आयोजित यह कार्यक्रम उनके सपनों के भारत की झलक पेश करता है, जहां किसान सशक्त, आत्मनिर्भर और सम्मानित हो। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आह्वान किया कि सभी मिलकर चौधरी चरण सिंह जी के विचारों को आगे बढ़ाएं और गांव, किसान तथा कृषि को विकास की मुख्यधारा में लाएं। यह किसान सम्मान दिवस न केवल एक आयोजन रहा, बल्कि कृषि और किसान कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का सशक्त संदेश भी बना।



