बुधवार भोर से गोरखनाथ मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने पहुंची श्रद्धालुओं की लंबी कतार

बुधवार की भोर होते ही गोरखपुर स्थित प्रसिद्ध गोरखनाथ मंदिर में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने के लिए दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें तड़के सुबह से ही मंदिर परिसर और आसपास की सड़कों पर लग गईं। ठंड की हल्की ठिठुरन के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। “बाबा गोरखनाथ की जय” के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। मान्यता है कि खिचड़ी चढ़ाने से बाबा प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं, इसी आस्था के साथ हजारों श्रद्धालु कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। मंदिर प्रशासन द्वारा दर्शन-पूजन की सुव्यवस्थित व्यवस्था की गई थी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के साथ पुलिस और स्वयंसेवक लगातार व्यवस्था संभालते दिखे। श्रद्धालु अपने साथ खिचड़ी, तिल, गुड़ और अन्य पूजन सामग्री लेकर पहुंचे और विधि-विधान से बाबा को अर्पित किया। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए अलग व्यवस्था की गई, जिससे उन्हें सुगमता से दर्शन मिल सके। कई श्रद्धालुओं ने बताया कि वे हर वर्ष इस अवसर पर बाबा को खिचड़ी चढ़ाने आते हैं और बाबा की कृपा से उनके जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन और घंटियों की मधुर ध्वनि से आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो रहा था। सुबह बढ़ने के साथ ही श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार इजाफा होता गया, लेकिन अनुशासन और शांति के साथ दर्शन की प्रक्रिया चलती रही। खिचड़ी चढ़ाने की यह परंपरा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विरासत को भी दर्शाती है। इस अवसर पर गोरखनाथ मंदिर एक बार फिर श्रद्धा, विश्वास और भक्ति के संगम के रूप में नजर आया, जहां हर भक्त की आंखों में बाबा के प्रति अटूट विश्वास और मन में सुख-शांति की कामना साफ झलक रही थी।



