15 जून से पहले पूरे होंगे बाढ़ बचाव के काम, CM योगी ने मंत्रियों को दिए सख्त निर्देश

उत्तर प्रदेश में हर साल मानसून के दौरान कई जिलों में बाढ़ की स्थिति बन जाती है। इस चुनौती से समय रहते निपटने के लिए मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने राज्य के सभी संबंधित विभागों और मंत्रियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि 15 जून से पहले बाढ़ बचाव से जुड़े सभी आवश्यक कार्य हर हाल में पूरे कर लिए जाएं। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि बाढ़ से प्रभावित होने वाले जिलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी अधिकारी पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करें।
मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि तटबंधों की मरम्मत, नदियों की सफाई, जल निकासी की व्यवस्था और राहत शिविरों की तैयारी समय पर पूरी होना बेहद जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जहां भी तटबंध कमजोर हैं या मरम्मत की आवश्यकता है, वहां तुरंत कार्य कराया जाए। इसके साथ ही बाढ़ संभावित क्षेत्रों में निगरानी और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को भी मजबूत किया जाए।
सीएम योगी ने यह भी कहा कि बाढ़ के समय लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, राहत सामग्री उपलब्ध कराने और चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि संवेदनशील गांवों की पहचान कर वहां आवश्यक संसाधन पहले से उपलब्ध करा दिए जाएं, ताकि आपात स्थिति में तुरंत राहत पहुंचाई जा सके।
सरकार की योजना है कि बाढ़ से प्रभावित जिलों में नाव, राहत सामग्री, दवाइयों और पशुओं के चारे जैसी जरूरी चीजों का पर्याप्त भंडारण किया जाए। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग को भी सतर्क रहने को कहा गया है, ताकि बाढ़ के बाद फैलने वाली बीमारियों पर समय रहते नियंत्रण किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि बाढ़ के दौरान लोगों को कम से कम परेशानी हो और किसी भी प्रकार की जनहानि न हो। इसके लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने की जरूरत है। उन्होंने मंत्रियों और अधिकारियों से कहा कि वे नियमित रूप से बाढ़ बचाव कार्यों की समीक्षा करें और जहां भी समस्या दिखे, उसे तुरंत दूर किया जाए।
राज्य सरकार की इस पहल से उम्मीद की जा रही है कि इस साल मानसून के दौरान बाढ़ की स्थिति का बेहतर तरीके से सामना किया जा सकेगा और प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को समय पर राहत मिल सकेगी।



