
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए वकीलों की गाड़ियों के लिए RFID पास जारी करने पर विचार करने के निर्देश दिए हैं। अदालत का मानना है कि इससे कोर्ट परिसर में प्रवेश और आवाजाही को अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाया जा सकेगा।
अदालत ने कहा कि RFID प्रणाली लागू होने से अनधिकृत वाहनों की एंट्री पर रोक लगेगी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी। अधिकारियों को इस दिशा में आवश्यक योजना तैयार करने और जल्द अमल करने के निर्देश दिए गए हैं। इस कदम को न्यायालय परिसर की सुरक्षा बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
हाई कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि बढ़ती भीड़ और सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए पारंपरिक व्यवस्था अब पर्याप्त नहीं रह गई है। RFID तकनीक के जरिए वाहनों की पहचान तेजी से हो सकेगी और प्रवेश प्रक्रिया अधिक सुगम बनेगी।
इसके अलावा, अदालत ने प्रशासन से कहा है कि इस प्रणाली को लागू करने से पहले सभी संबंधित पक्षों—वकीलों, कर्मचारियों और सुरक्षा एजेंसियों—से सुझाव लिए जाएं, ताकि व्यवस्था प्रभावी और व्यावहारिक बन सके। इससे न केवल सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि कोर्ट परिसर में अनुशासन और सुव्यवस्था भी बनी रहेगी।



