
पाकिस्तान की सियासत एक बार फिर उथल-पुथल के दौर में है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन का हालिया बयान राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर इमरान खान को “खरोंच भी आई” तो इसके गंभीर परिणामों के लिए शहबाज शरीफ सरकार को ही जिम्मेदार ठहराया जाएगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान में सत्ता और विपक्ष के बीच तनाव चरम पर है और इमरान खान कई कानूनी मामलों में जेल में बंद हैं।
इमरान खान की बहन ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि इमरान पर पहले भी हमले हो चुके हैं और उनकी सुरक्षा को लेकर परिवार लगातार चिंतित है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार और कुछ ताकतें पूर्व प्रधानमंत्री को राजनीतिक रूप से खत्म करने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन यदि उनकी जान को कोई नुकसान हुआ तो इसका जवाब पूरा देश मांगेगा। उन्होंने कहा कि इमरान खान पाकिस्तान के लाखों युवाओं की उम्मीद हैं और आज भी एक लोकप्रिय नेता के रूप में पहचाने जाते हैं।
इस बयान ने पाकिस्तान में विपक्षी दलों और सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप की आग और भड़का दी है। शहबाज सरकार की ओर से इमरान खान की सुरक्षा को लेकर दावा किया गया है कि उन्हें सभी मानक सुरक्षा उपलब्ध कराई जा रही है, लेकिन PTI नेताओं का आरोप है कि जेल में उनके साथ अमानवीय व्यवहार हो रहा है और सुरक्षा को लेकर कई बार चिंता जताने के बाद भी सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रही।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इमरान खान की बहन का यह बयान पाकिस्तान में पहले से मौजूद राजनीतिक संकट को और गहरा कर सकता है। देश पहले ही आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक चुनौतियों से जूझ रहा है, और ऐसे विवाद जनभावनाओं को भड़काने का काम कर सकते हैं। PTI समर्थकों ने भी सोशल मीडिया पर इमरान खान की सुरक्षा को लेकर बड़ा अभियान शुरू कर दिया है।
इमरान खान, जिन्होंने 2018 में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी, पिछले कुछ वर्षों से सेना और सरकार के साथ खुलकर टकराव में हैं। उन पर कई कानूनी केस चल रहे हैं और उनकी गिरफ्तारी के बाद से ही देश में कई बार हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए हैं।
कुल मिलाकर, इमरान खान की बहन का यह बयान पाकिस्तान की राजनीति में एक और तूफान खड़ा कर चुका है। आने वाले दिनों में यह विवाद किस रूप में आगे बढ़ेगा, यह देखना दिलचस्प होगा।



