
भारत तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में वैश्विक शक्ति के रूप में उभर रहा है। हाल ही में आयोजित इंडिया एआई समिट में केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने कहा कि यह समिट भारत को वैश्विक नेतृत्व के लिए तैयार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि एआई केवल तकनीक नहीं, बल्कि 21वीं सदी की आर्थिक और सामरिक ताकत का आधार है। भारत ने डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और मेक इन इंडिया जैसे अभियानों के माध्यम से तकनीकी बुनियाद को मजबूत किया है, जिसका सीधा लाभ एआई क्षेत्र को मिल रहा है। समिट में देश-विदेश के विशेषज्ञों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और नीति-निर्माताओं ने भाग लेकर भारत की क्षमता को सराहा। अमित शाह ने कहा कि भारत का युवा वर्ग, आईटी सेक्टर की मजबूती और विशाल डेटा इकोसिस्टम देश को एआई हब बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार एआई के विकास के साथ-साथ डेटा सुरक्षा और नैतिक मानकों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। समिट में हेल्थकेयर, कृषि, शिक्षा, सुरक्षा और गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों में एआई के उपयोग पर विशेष चर्चा हुई। भारत का लक्ष्य केवल तकनीक का उपभोक्ता बनना नहीं, बल्कि नवाचार और अनुसंधान के जरिए वैश्विक दिशा तय करना है। स्टार्टअप्स और अनुसंधान संस्थानों को प्रोत्साहन देकर सरकार एआई आधारित समाधान को आम नागरिक तक पहुंचाने की रणनीति पर काम कर रही है। अमित शाह ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भारत एआई निर्यातक देश के रूप में पहचान बनाएगा और विश्व अर्थव्यवस्था में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएगा। इंडिया एआई समिट ने यह संदेश दिया है कि भारत न केवल डिजिटल क्रांति का सहभागी है, बल्कि उसका नेतृत्व करने के लिए भी पूरी तरह तैयार है।



