हीटवेव से भारत की GDP पर असर, कृषि उत्पादन घटने की आशंका

देश में लगातार बढ़ती हीटवेव अब केवल मौसम की समस्या नहीं रही, बल्कि इसका सीधा असर अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अत्यधिक गर्मी से श्रमिकों की उत्पादकता घटती है, जिससे कई क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां धीमी पड़ जाती हैं और इसका असर देश की GDP पर भी पड़ सकता है।
इसके अलावा, गर्मी से जुड़ी बीमारियों के मामलों में बढ़ोतरी के कारण मेडिकल खर्च भी तेजी से बढ़ने का अनुमान है। India के ग्रामीण क्षेत्रों में इसका सबसे ज्यादा असर कृषि उत्पादन पर पड़ सकता है, क्योंकि तेज तापमान और पानी की कमी से फसलों की पैदावार घटने की आशंका जताई जा रही है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अगर हीटवेव का यह पैटर्न लगातार जारी रहा, तो गेहूं, धान और सब्जियों जैसी प्रमुख फसलों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इससे खाद्य महंगाई भी बढ़ सकती है, जो आम जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ डालेगी। ऐसे में जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए दीर्घकालिक रणनीति की जरूरत और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।



