
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि देश ने पिछले वर्षों में नीयत, नीति और निर्णायक नेतृत्व के बल पर नई दिशा प्राप्त की है। उन्होंने दावा किया कि भारत अब उन व्यवस्थागत चुनौतियों और राजनीतिक प्रवृत्तियों से बाहर निकल रहा है, जिन्होंने लंबे समय तक विकास की गति को प्रभावित किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का फोकस सुशासन, पारदर्शिता, गरीब कल्याण और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण पर रहा है। उनके अनुसार बीते वर्षों में बुनियादी ढांचे, डिजिटल सेवाओं, वित्तीय समावेशन और सामाजिक कल्याण योजनाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
अपने भाषण में उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि देश ने पुराने राजनीतिक ढर्रे और कथित कुचक्रों से मुक्ति पाई है। उन्होंने दावा किया कि जनता ने विकास, जवाबदेही और परिणाम आधारित शासन को प्राथमिकता दी है।
प्रधानमंत्री ने जनधन योजना, डिजिटल भुगतान, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और आत्मनिर्भर भारत जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन कदमों ने आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर दिया गया यह संदेश आगामी राजनीतिक और विकासात्मक एजेंडे को भी रेखांकित करता है। वहीं विपक्ष सरकार के दावों पर सवाल उठाते हुए अपनी अलग राय रख रहा है।
देशभर में सरकार की उपलब्धियों और नीतियों को लेकर चर्चा जारी है, जबकि सत्तापक्ष इसे विकास और सुशासन की यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव बता रहा है।



