
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के इन वीर सपूतों को नमन करते हुए कहा कि ITBP जवान कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी राष्ट्र की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर संदेश जारी कर कहा, “ITBP हमारे देश की सीमाओं की सुरक्षा का ऐसा प्रहरी है जो न सिर्फ ऊंचे-नीचे इलाकों में बल्कि अत्यधिक ठंड और कठिन मौसम में भी अपने कर्तव्यों का पालन करता है। ये वीरता और समर्पण के सच्चे प्रतीक हैं।”
ITBP की स्थापना 24 अक्टूबर 1962 को भारत-चीन युद्ध के बाद की गई थी, ताकि भारत की उत्तरी सीमाओं की रक्षा की जा सके। तब से लेकर आज तक इस बल ने देश की सुरक्षा में अतुलनीय योगदान दिया है। ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों में तैनात ITBP जवान -40 डिग्री तापमान में भी अपने मिशन पर डटे रहते हैं। चाहे वह लद्दाख की बर्फीली चोटियां हों या अरुणाचल प्रदेश के दुर्गम पहाड़, ITBP के जवान हर मोर्चे पर देश की सुरक्षा में अग्रणी भूमिका निभाते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में यह भी कहा कि ITBP केवल सीमाओं की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि आपदा के समय भी यह बल जनता के लिए देवदूत की तरह कार्य करता है। भूकंप, हिमस्खलन या बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं में ITBP जवान राहत और बचाव कार्यों में हमेशा सबसे आगे नजर आते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्र को ITBP जैसे साहसी बलों पर गर्व है, जो अपनी निष्ठा, अनुशासन और पराक्रम से हर भारतीय के दिल में विशेष स्थान रखते हैं। ITBP के जवान न केवल देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं, बल्कि भारत की एकता और अखंडता के प्रतीक बन चुके हैं।
ITBP दिवस के मौके पर देशभर में कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें जवानों को सम्मानित किया गया और उनके साहस को सलाम किया गया। यह दिन हर उस भारतीय के लिए गर्व का क्षण है, जो अपने इन हिमवीरों की वीरता पर नाज करता है।



