लखनऊ में जनता दर्शन: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्राथमिकता से जन-समस्याओं के निस्तारण के दिए आदेश

माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने दिनांक 22 दिसंबर 2025 को लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास 5-कालिदास मार्ग पर आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। जनता दर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग अपनी व्यक्तिगत, सामाजिक और प्रशासनिक समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री के समक्ष उपस्थित हुए। मुख्यमंत्री योगी ने प्रत्येक फरियादी की बात को ध्यानपूर्वक सुना और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन-समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर, संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता आमजन को त्वरित न्याय और राहत उपलब्ध कराना है। भूमि विवाद, राजस्व से जुड़े प्रकरण, पुलिस संबंधी शिकायतें, स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास, पेंशन और सामाजिक कल्याण योजनाओं से संबंधित मामलों पर मुख्यमंत्री ने विशेष ध्यान दिया और अधिकारियों से समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी निर्देश दिए कि किसी भी पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ मिलने से वंचित न रखा जाए और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। जनता दर्शन के दौरान उन्होंने यह दोहराया कि उत्तर प्रदेश सरकार “सेवा, सुरक्षा और सुशासन” के संकल्प के साथ कार्य कर रही है और हर नागरिक की समस्या का समाधान सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि जमीनी स्तर पर वास्तविक समाधान दिखना चाहिए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जनता का विश्वास ही सरकार की सबसे बड़ी पूंजी है और इसे बनाए रखना सभी अधिकारियों का कर्तव्य है। जनता दर्शन कार्यक्रम के माध्यम से शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित होता है, जिससे समस्याओं के समाधान में तेजी आती है और पारदर्शिता बढ़ती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह सक्रिय और संवेदनशील दृष्टिकोण प्रदेश में सुशासन को मजबूती प्रदान करता है तथा आम नागरिकों में यह विश्वास जगाता है कि उनकी आवाज सीधे शासन तक पहुंच रही है और उस पर प्रभावी कार्रवाई हो रही है।



