
जर्मनी से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां आग से बचने की कोशिश में तेलंगाना के एक छात्र की जान चली गई। जानकारी के अनुसार, यह हादसा जर्मनी के एक रिहायशी अपार्टमेंट में हुआ, जहां अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि अपार्टमेंट में रह रहे लोगों में अफरा-तफरी मच गई। इसी दौरान तेलंगाना का यह छात्र भी आग की चपेट में आ गया और जान बचाने के लिए उसने ऊपरी मंजिल से छलांग लगा दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अपार्टमेंट में आग लगते ही धुएं का गुबार चारों ओर फैल गया था, जिससे सांस लेना मुश्किल हो गया। छात्र के पास बाहर निकलने का कोई सुरक्षित रास्ता नहीं बचा था। ऐसी स्थिति में उसने नीचे कूदने का कठिन फैसला लिया। हालांकि नीचे गिरते ही वह गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों और आपातकालीन सेवाओं की मदद से उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत नाजुक बताई।
कई दिनों तक चले इलाज के बावजूद छात्र को बचाया नहीं जा सका और उसने अस्पताल में दम तोड़ दिया। इस घटना की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। भारत में उसके परिजन गहरे सदमे में हैं और तेलंगाना के उसके गांव में शोक का माहौल है। बताया जा रहा है कि छात्र उच्च शिक्षा के लिए जर्मनी गया था और अपने बेहतर भविष्य के सपने संजोए हुए था।
स्थानीय पुलिस और अग्निशमन विभाग ने घटना की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी माना जा रहा है, हालांकि अधिकारियों ने कहा है कि विस्तृत जांच के बाद ही सही वजह सामने आएगी। जर्मन प्रशासन ने इस हादसे पर दुख जताया है और पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।
भारतीय दूतावास भी इस मामले में सक्रिय हो गया है। दूतावास की ओर से बयान जारी कर कहा गया है कि वे स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हैं और छात्र के पार्थिव शरीर को भारत भेजने की प्रक्रिया में परिवार की सहायता की जा रही है। यह घटना एक बार फिर विदेशों में रह रहे छात्रों की सुरक्षा और आपात स्थितियों से निपटने की तैयारियों पर सवाल खड़े करती है।



