
कैरेबियन सागर में इस साल का सबसे ताकतवर तूफान मेलिसा (Hurricane Melissa) जमैका से टकराने के लिए पूरी तरह तैयार है। मौसम विभाग के अनुसार, इस तूफान की हवा की रफ्तार 282 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच चुकी है, जिससे यह 2025 का अब तक का सबसे विनाशकारी तूफान माना जा रहा है। तूफान के प्रभाव से जमैका में भारी बारिश, तेज हवाएं और समुद्र में ऊंची लहरें उठने लगी हैं। सरकार ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 6 लाख से अधिक लोगों को ऊंचे और सुरक्षित इलाकों में पहुंचाया है।
स्थानीय प्रशासन ने आपातकालीन सेवाओं को अलर्ट पर रखा है और सभी तटीय इलाकों में बिजली सप्लाई बंद कर दी गई है ताकि किसी बड़ी दुर्घटना को रोका जा सके। हवाई अड्डों पर उड़ानें रद्द कर दी गई हैं, और बंदरगाहों पर जहाजों को गहरे समुद्र में भेजा गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि मेलिसा श्रेणी 5 का तूफान बन चुका है, जिसकी ताकत 2005 के कैटरीना तूफान से भी ज्यादा हो सकती है।
जमैका के प्रधानमंत्री ने देश के नागरिकों से अपील की है कि वे घरों में रहें, अफवाहों पर ध्यान न दें और सरकार द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। राहत दलों को पहले से ही तैनात कर दिया गया है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि मेलिसा अगले 24 घंटों में क्यूबा और बहामास की ओर भी बढ़ सकता है। संयुक्त राष्ट्र और विश्व मौसम संगठन ने भी इस तूफान को लेकर अंतरराष्ट्रीय सहायता टीमों को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, जलवायु परिवर्तन के कारण ऐसे अत्यधिक शक्तिशाली तूफानों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। मेलिसा इसका एक ताजा उदाहरण है, जो प्रकृति के बढ़ते प्रकोप की चेतावनी दे रहा है। जमैका में फिलहाल जनजीवन ठप पड़ गया है और पूरे क्षेत्र में भय और सतर्कता का माहौल बना हुआ है। दुनिया की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि यह तूफान कितनी तबाही मचाकर आगे बढ़ेगा।



