MLC प्रांशु दत्त द्विवेदी को मिला ‘Y’ श्रेणी सुरक्षा का खतरा, तीन आपराधिक गिरोह सक्रिय

उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ राजनेता और विधान परिषद सदस्य MLC प्रांशु दत्त द्विवेदी ने हाल ही में केंद्र सरकार और रक्षा मंत्री से ‘Y’ श्रेणी की सुरक्षा मांगी है। प्रांशु दत्त का कहना है कि उन्हें और उनके परिवार को गंभीर जान का खतरा है। उन्होंने अपनी सुरक्षा में तेजी लाने के लिए संबंधित अधिकारियों को लिखा गया आवेदन सौंपा।
जानकारी के अनुसार, प्रांशु दत्त ने सुरक्षा खतरे के पीछे तीन आपराधिक गिरोहों का नाम लिया है, जो उनकी राजनीतिक गतिविधियों और सामाजिक कामकाज से असंतुष्ट हैं। इन गिरोहों ने पहले भी धमकियां दी हैं और हिंसक कदम उठाने की चेतावनी दी है। ऐसे में MLC ने सुरक्षा बढ़ाने की मांग करते हुए ‘Y’ श्रेणी की सुरक्षा की आवश्यकता जताई है।
‘Y’ श्रेणी सुरक्षा में अधिकारी, ड्राइवर और अन्य सुरक्षा कर्मी शामिल होते हैं। इसके अंतर्गत व्यक्ति को चौबीसों घंटे सुरक्षा कवच मिलता है, जिसमें गाड़ियां, प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मी और आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था शामिल होती है। MLC प्रांशु दत्त ने कहा कि वर्तमान हालात में यह सुरक्षा आवश्यक है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचाव किया जा सके।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस कदम से यह स्पष्ट हो गया है कि राजनीतिक और सामाजिक भूमिकाओं में सक्रिय नेताओं को अक्सर व्यक्तिगत सुरक्षा की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। खासकर उन नेताओं के लिए, जो भ्रष्टाचार, अपराध और सामाजिक मामलों में स्पष्ट रुख अपनाते हैं। प्रांशु दत्त द्विवेदी ने कहा कि उनके खिलाफ किए जा रहे धमकी भरे संदेश और कथित निगरानी की घटनाओं से उन्हें गंभीर खतरा महसूस हो रहा है।
वर्तमान में, राज्य और केंद्र की सुरक्षा एजेंसियां मामले की गंभीरता से जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि MLC के आवेदन के बाद उनकी सुरक्षा बढ़ाने के लिए जल्द कदम उठाए जाएंगे। इसके तहत उनकी आवाजाही, निवास और कार्यालय के आस-पास सुरक्षा बढ़ाई जाएगी।
प्रांशु दत्त की सुरक्षा को लेकर उठाए गए कदमों से यह संदेश जाता है कि लोकतंत्र में नेताओं की व्यक्तिगत सुरक्षा और उनके कार्यों को स्वतंत्र रूप से जारी रखने का अधिकार सुनिश्चित करना अति महत्वपूर्ण है। ऐसे मामलों में समय पर कार्रवाई न केवल जीवन सुरक्षा सुनिश्चित करती है बल्कि कानून व्यवस्था और सामाजिक स्थिरता बनाए रखने में भी मदद करती है।



