राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूरे, समारोह में शामिल होंगे मोहन भागवत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत दो दिवसीय प्रवास पर सोमवार को राजधानी लखनऊ पहुंचेंगे। वे संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित विशेष कार्यक्रमों में भाग लेंगे और कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। संघ के पदाधिकारियों के अनुसार यह दौरा संगठन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि शताब्दी वर्ष के अवसर पर देशभर में विभिन्न प्रकार के सामाजिक, सांस्कृतिक और सेवा से जुड़े आयोजन किए जा रहे हैं। लखनऊ में होने वाले कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों, पदाधिकारियों और आम नागरिकों के शामिल होने की संभावना है। भागवत अपने प्रवास के दौरान संगठन की भावी योजनाओं, समाज जीवन में संघ की भूमिका और सेवा कार्यों के विस्तार पर भी मार्गदर्शन देंगे।
कार्यक्रम की तैयारियां कई दिनों से चल रही हैं। विभिन्न जिलों से आने वाले स्वयंसेवकों के ठहरने, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर स्थानीय इकाइयों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों का कहना है कि शताब्दी वर्ष केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि आत्ममंथन और भविष्य की दिशा तय करने का भी समय है। इसी क्रम में भागवत कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे और संगठन के मूल विचारों को समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचाने का आह्वान करेंगे। माना जा रहा है कि इस दौरे के दौरान वे कुछ प्रमुख सामाजिक प्रतिनिधियों से मुलाकात भी कर सकते हैं।
लखनऊ में संघ की गतिविधियों को लेकर हमेशा विशेष उत्साह देखा जाता है और शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम ने इसे और बढ़ा दिया है। स्वयंसेवकों के बीच भागवत के संबोधन को लेकर खास उत्सुकता है। आयोजन स्थल पर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है ताकि कार्यक्रम सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके। इस दौरे को आगामी समय में संघ की रणनीतिक और सामाजिक पहलों की दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि शताब्दी वर्ष के बाद संगठन नई ऊर्जा और व्यापक जनसंपर्क के साथ आगे बढ़ने की तैयारी में है।



