ठाणे में दिल दहला देने वाला कांड: मां ने बेटियों को ज़हर देकर की हत्या
महाराष्ट्र के ठाणे जिले से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक मां ने अपनी तीन मासूम बेटियों को ज़हर देकर मौत के घाट उतार दिया। बताया जा रहा है कि महिला अपने पति की शराब पीने की लत और घरेलू हिंसा से इस कदर परेशान हो चुकी थी कि उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया।
पुलिस के अनुसार, यह घटना ठाणे के एक मध्यमवर्गीय इलाके में हुई, जहां महिला अपने पति और तीन बेटियों के साथ रहती थी। पति की आदतें काफी समय से महिला को मानसिक और भावनात्मक रूप से परेशान कर रही थीं। वह रोज शराब पीकर घर आता था, गाली-गलौज करता था और कई बार मारपीट भी करता था। पड़ोसियों ने बताया कि घर में अक्सर झगड़ों की आवाज़ें आती थीं, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि मामला इतना गंभीर हो चुका है।
घटना वाले दिन महिला ने पहले अपनी तीनों बेटियों को खाना खिलाया, जिसमें ज़हर मिलाया गया था। बेटियों की उम्र क्रमशः 4, 7 और 10 वर्ष बताई जा रही है। खाना खाने के कुछ समय बाद तीनों बच्चियों की तबीयत बिगड़ने लगी और उन्हें बेहोशी की हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस को सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू की गई। शुरुआती पूछताछ में महिला ने अपना गुनाह कबूल कर लिया और बताया कि वह कई सालों से पति की बुरी आदतों से तंग आ चुकी थी। आर्थिक तंगी, मारपीट और मानसिक प्रताड़ना ने उसे इस हद तक तोड़ दिया कि उसने अपनी ही बेटियों को मौत के हवाले कर दिया।
इस घटना ने पूरे ठाणे शहर को झकझोर कर रख दिया है। लोग इस बात से स्तब्ध हैं कि एक मां, जो अपने बच्चों की रक्षक मानी जाती है, वही उन्हें मौत की नींद सुला सकती है। सामाजिक संगठनों और महिला आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सरकार से घरेलू हिंसा के मामलों में त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह केवल एक हत्या का मामला नहीं है, बल्कि एक महिला के अंदर वर्षों से जमा हो रहा मानसिक तनाव, सामाजिक उपेक्षा और घरेलू हिंसा का विस्फोट है। यह घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि समाज में महिलाओं को कितना सपोर्ट मिल रहा है और हम मानसिक स्वास्थ्य को कितनी अहमियत देते हैं।
फिलहाल महिला को पुलिस हिरासत में लिया गया है और आगे की जांच जारी है। पुलिस पति से भी पूछताछ कर रही है और मामले की तह तक जाने की कोशिश में जुटी हुई है।



