भारत-रूस आर्थिक साझेदारी को नई रफ्तार, पीएम मोदी बोले– तय समय से पहले हासिल करेंगे 100 अरब डॉलर कारोबार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी उद्योगपतियों के साथ संवाद के दौरान भारत-रूस आर्थिक संबंधों को लेकर बड़ा और भरोसेमंद संदेश दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर तक ले जाने का जो लक्ष्य निर्धारित किया गया है, उसे तय समय से पहले ही पूरा कर लिया जाएगा। पीएम मोदी के इस बयान से स्पष्ट है कि भारत और रूस केवल रणनीतिक साझेदार ही नहीं, बल्कि मजबूत आर्थिक भागीदार भी बनते जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था स्थिर, पारदर्शी और निवेश के अनुकूल बनी हुई है। रूस के उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए उन्होंने भारत के मैन्युफैक्चरिंग, ऊर्जा, रक्षा, फार्मा, आईटी, स्पेस और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में मौजूद संभावनाओं को रेखांकित किया। पीएम मोदी ने ‘मेक इन इंडिया’, ‘स्टार्टअप इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे अभियानों को भारत-रूस सहयोग के लिए मजबूत आधार बताया।
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत ने हाल के वर्षों में व्यापार सुधारों के जरिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को आसान बनाया है, जिससे विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। उन्होंने रूसी कंपनियों को भारत में निवेश बढ़ाने और दीर्घकालिक साझेदारी स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया। प्रधानमंत्री के अनुसार, दोनों देशों के बीच ऊर्जा व्यापार पहले से ही मजबूत है और आने वाले वर्षों में क्लीन एनर्जी, हाइड्रोजन और न्यूक्लियर एनर्जी में सहयोग के नए अवसर खुलेंगे।
रूस के उद्योगपतियों ने भी भारत को तेजी से बढ़ते बाजार के रूप में देखते हुए व्यापार विस्तार में रुचि दिखाई। माना जा रहा है कि भुगतान तंत्र, लॉजिस्टिक्स और स्थानीय मुद्रा में व्यापार जैसे कदमों से द्विपक्षीय व्यापार को और गति मिलेगी।
पीएम मोदी के बयान से यह संदेश गया कि भारत वैश्विक साझेदारों के साथ स्थिर और भरोसेमंद आर्थिक सहयोग चाहता है। रूस के साथ 100 अरब डॉलर व्यापार लक्ष्य को समय से पहले हासिल करने का भरोसा दोनों देशों के रणनीतिक रिश्तों को नई ऊंचाई पर ले जाने वाला कदम माना जा रहा है।



