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Himachal Monsoon: मानसून सीजन की आफत ने शिमला जिला को दिए सबसे अधिक घाव, 45 की मौत, ₹2386 करोड़ की संपत्ति बर्बाद

शिमला: इस बार आसमान से बारिश के रूप में बरसी आफत ने हिमाचल को तबाही के गहरे जख्म दिए हैं. हिमाचल में पांच साल में मानसून सीजन में ₹6784 करोड़ से अधिक की संपत्ति नष्ट हुई थी. इस बार तबाही का आलम ये है कि पांच साल का रिकार्ड अकेले इसी मानसून सीजन में टूटने वाला है. अब तक हिमाचल को ₹6717 करोड़ से अधिक का नुकसान झेलना पड़ा है. जल्द ही नुकसान का ये आंकड़ा पांच साल के संयुक्त नुकसान से आगे बढ़ जाएगा.

पिछले साल से ज्यादा, इस बार सिर्फ शिमला को नुकसान: आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले साल पूरे हिमाचल में जितना संपत्ति का नुकसान हुआ था, उससे अधिक इस बार अकेले शिमला जिला को झेलना पड़ा है. शिमला जिला में इस मानसून सीजन में 24 जून से 8 अगस्त के बीच ₹2386 करोड़ से अधिक की संपत्ति बर्बाद हो गई है. कुल 45 लोग विभिन्न हादसों में मौत का शिकार हुए हैं. ये आंकड़ा अभी और बढ़ेगा. पिछले साल पूरे हिमाचल में ₹1981 करोड़ की संपत्ति बर्बाद हुई थी. इस बार इससे कहीं अधिक तबाही अकेले शिमला जिला में हो चुकी है.

शिमला में भारी बारिश ने ली 45 लोगों की जान: हर बार मानसून की बारिश से हिमाचल में भारी नुकसान होता है, लेकिन इस बार तबाही ने सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं. शिमला जिला में 45 लोगों की मौत हुई है. कुल 33 लोग विभिन्न हादसों में घायल हैं. शिमला के बाद कुल्लू जिला में सबसे अधिक 43 लोगों की मौत हो चुकी है. शिमला में चार लोग अभी भी लापता हैं. कुल्लू में लापता लोगों का आंकड़ा सबसे अधिक 18 लोगों का है. कुल्लू में ब्यास नदी में आई भीषण बाढ़ के कारण मिसिंग लोगों की संख्या अधिक है.

बारिश और भूस्खलन से सैंकड़ों घरों को नुकसान: शिमला जिला में भयावह बारिश के कारण भूस्खलन भी अधिक हुए हैं. जिले भर में 195 पक्के मकान पूरी तरह से नष्ट हो गए. कुल 121 कच्चे घरों का अस्तित्व ही मिट गया. इसके अलावा 2489 पक्के घरों को नुकसान पहुंचा है. जिला में 1450 कच्चे घरों को नुकसान झेलना पड़ा है. इसके अलावा शिमला जिला में 13 दुकानें, 105 लेबर शेड व 631 गोशालाएं बर्बाद हो गई. मौत का आंकड़ा देखें तो हिमाचल में अभी तक 221 लोग काल का ग्रास बने हैं. दुखद बात ये है कि 31 लोगों का अभी भी कोई पता नहीं है. प्रदेश भर में हुए हादसों में 31 लोग लापता हैं.

इन सरकारी विभागों को करोड़ों का नुकसान:24 जून से मानसून सीजन शुरू होने के बाद 8 अगस्त तक हिमाचल में सबसे अधिक नुकसान लोक निर्माण विभाग को झेलना पड़ा है. लोक निर्माण विभाग के नुकसान का आंकड़ा ₹2116 करोड़ है. इसी तरह जलशक्ति विभाग को ₹1629.81 करोड़, बिजली बोर्ड को ₹1505.73 करोड़, बागवानी विभाग को ₹144.88 करोड़, शहरी विकास विभाग को ₹88.82 करोड़, कृषि विभाग को ₹256.87 करोड़, ग्रामीण विकास विभाग को ₹369.53 करोड़, शिक्षा को ₹118.90 करोड़ रुपए, मत्स्य पालन विभाग को ₹13.91 करोड़ रुपए, स्वास्थ्य विभाग को ₹44.01 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है. अन्य विभागों को 82.11 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ा है. इस तरह कुल नुकसान का आंकड़ा ₹6717.15 करोड़ रुपए बनता है. अभी इसके और बढ़ने की आशंका है.

हिमाचल में सड़क हादसों ने ली 88 लोगों की जान:मानसून सीजन में सबसे अधिक जानी नुकसान सड़क हादसों के कारण हुआ है. प्रदेश भर में 88 लोग सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवा बैठे. शिमला व सोलन जिला में 13-13 लोगों की मौत हुई. ये प्रदेश भर के जिलों में सबसे अधिक है. भूस्खलन के कारण 39 लोग का काल का शिकार हुए. इसी तरह बाढ़ में बहने से 18, बादल फटने से एक, डूबने से 20, सर्प दंश से 10, बिजली करंट से 9, खाई में गिरने से 30 और अन्य कारणों से 6 लोगों की मौत हुई है.

नहीं थम रहा मौतों का सिलसिला:इस मानसून सीजन में अब तक 221 अनमोल जीवन आपदा की भेंट चढ़ गए. पिछले आंकड़ों को देखें तो हिमाचल में साल 2018 में बरसात के सीजन में जून से लेकर अगस्त तक विभिन्न हादसों में 343 लोग मारे गए थे. साल 2019 में 218 लोगों की जान गई. साल 2020 में 240 लोगों की मौत हादसों के कारण हुई. वर्ष 2021 में सबसे अधिक 476 लोगों की मौत हुई. पिछले साल यानी 2022 में मानसून सीजन में मरने वालों की संख्या 284 रही. यानी हर साल सैंकड़ों लोगों की मौत होती है, लेकिन प्रशासन इन हादसों को रोकने में कामयाब नहीं हो रहा है.

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