वर्ष के अंतिम सोमवार पर CM योगी ने किया रुद्राभिषेक, हवन के माध्यम से लोक मंगल की कामना

गोरखपुर में वर्ष के अंतिम सोमवार का धार्मिक आयोजन खास महत्व रखता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने आध्यात्मिक जीवन और समाजिक कर्तव्यों के बीच संतुलन बनाए रखते हुए रुद्राभिषेक किया। रुद्राभिषेक का आयोजन विशेष रूप से लोक मंगल, समाज की शांति और विकास की कामना के लिए किया जाता है। इस अवसर पर गोरखनाथ मंदिर परिसर में भव्य हवन का आयोजन हुआ, जिसमें अधिकारी, संत और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
CM योगी ने मंत्रों और शास्त्रों के अनुसार रुद्राभिषेक किया। वे ब्राह्मणों के साथ बैठकर मंत्रोच्चारण करते हुए रुद्राक्ष और जल से भगवान शिव का अभिषेक कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने भगवान शिव से सभी नागरिकों के सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना की। हवन में उपयोग किए गए अग्नि, घी, वस्त्र और पवित्र सामग्री के माध्यम से वातावरण पूरी तरह से पवित्र और दिव्य बन गया।
मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमूह को भी बताया कि रुद्राभिषेक का महत्व केवल धार्मिक नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और समाजिक सद्भाव को भी बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि जैसे हम वर्ष के अंतिम सोमवार पर भगवान शिव का पूजन कर सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करते हैं, वैसे ही हमें अपने दैनिक जीवन में भी धर्म, कर्म और समाज सेवा को संतुलित करना चाहिए।
हवन के दौरान विभिन्न मंत्रों का उच्चारण हुआ और उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से लोक मंगल की कामना की। CM योगी ने कहा कि भगवान शिव सभी के संकट दूर करें और देश तथा प्रदेश की उन्नति में मार्गदर्शन करें। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इस प्रकार के आयोजन समाज में आध्यात्मिक जागरूकता बढ़ाते हैं और नई पीढ़ी को संस्कृति और धर्म के महत्व से जोड़ते हैं।
इस अवसर पर समाज के विभिन्न वर्गों से लोग उपस्थित रहे, जिसमें बच्चे, युवा, वृद्ध और अधिकारी शामिल थे। सभी ने सामूहिक रूप से मंत्रों का जाप किया और हवन में आहुति डालकर अपनी शुभकामनाएं व्यक्त की। इस आयोजन से यह संदेश गया कि आध्यात्मिक अनुशासन और समाजिक सेवा का मेल ही सच्चे लोक मंगल का मार्ग है।
इस प्रकार वर्ष के अंतिम सोमवार का रुद्राभिषेक न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि यह समाज में एकता, सकारात्मक ऊर्जा और सांस्कृतिक चेतना फैलाने का भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बना।



