पाकिस्तान की राजनीति एक बार फिर उथल-पुथल में है, और इस बार सीधा निशाना बना है देश के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) पार्टी के नेता इमरान खान ने सेना प्रमुख पर सार्वजनिक रूप से गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे ना सिर्फ पाकिस्तान की राजनीतिक स्थिरता पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि खुद सेना के भीतर और बाहर भी असंतोष की लहर दौड़ गई है।
इमरान खान, जो इस समय जेल में बंद हैं लेकिन उनके समर्थक अभी भी सोशल मीडिया और रैलियों के माध्यम से सक्रिय हैं, ने अपने हालिया बयान में आरोप लगाया कि जनरल आसिम मुनीर लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर कर रहे हैं और देश के राजनीतिक सिस्टम में “असंवैधानिक दखल” दे रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार जनरल मुनीर के “संकेतों” पर चल रही है, और आम चुनावों में PTI को कमजोर करने के पीछे भी वही ताकत हैं।
इमरान खान ने यह भी आरोप लगाया कि उनके समर्थकों और नेताओं पर झूठे केस लगाए जा रहे हैं, और यह सब सेना के दबाव में हो रहा है। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान की सेना की साख जनरल आसिम मुनीर के नेतृत्व में बुरी तरह गिर रही है। यह वही सेना है जो पहले देश की सुरक्षा की प्रतीक थी, अब राजनीतिक दलों को कुचलने का औजार बन चुकी है।”
इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर #AsimMunirExposed और #ImranKhanTruth जैसे हैशटैग्स ट्रेंड करने लगे। लाखों लोगों ने सेना के राजनीतिक हस्तक्षेप की आलोचना की, जबकि कई लोग इमरान खान को “गद्दार” कहकर उनकी आलोचना भी कर रहे हैं।
पाकिस्तानी सेना की ओर से हालांकि कोई औपचारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि सेना इन आरोपों को “देशविरोधी” करार दे रही है और इमरान की पार्टी पर कार्रवाई और तेज हो सकती है।
विश्लेषकों का मानना है कि इमरान खान और आसिम मुनीर के बीच यह टकराव केवल व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि यह पाकिस्तान के सिविल-मिलिट्री संबंधों की गहराई में मौजूद संकट को उजागर करता है। लंबे समय से पाकिस्तान में सेना की राजनीति में भूमिका रही है, लेकिन इस बार हालात अधिक खुले और विवादास्पद होते जा रहे हैं।
निष्कर्षतः, इमरान खान और जनरल आसिम मुनीर के बीच टकराव पाकिस्तान के लोकतंत्र और संस्थागत संतुलन के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। यदि यह टकराव ऐसे ही चलता रहा, तो पाकिस्तान को आने वाले समय में और अधिक अस्थिरता और अंतरराष्ट्रीय आलोचना का सामना करना पड़ सकता है।



