
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि ‘Made in India’ केवल एक लेबल नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय जिम्मेदारी है। उन्होंने भारतीय उद्योगों से गुणवत्ता, नवाचार और वैश्विक मानकों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि भारत में निर्मित उत्पादों को विश्व स्तर पर भरोसे और उत्कृष्टता का प्रतीक बनाना आवश्यक है।
अपने संबोधन के दौरान उन्होंने फ्लोरेंस शू कंपनी के संस्थापक का उल्लेख करते हुए भारतीय उद्यमियों की क्षमता, गुणवत्ता के प्रति प्रतिबद्धता और वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय उद्योगों को केवल घरेलू बाजार तक सीमित न रहकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी मजबूत पहचान बनानी चाहिए।
पीयूष गोयल ने इस बात पर जोर दिया कि ‘Made in India’ की सफलता केवल उत्पादन बढ़ाने से नहीं, बल्कि उच्च गुणवत्ता, तकनीकी नवाचार, कौशल विकास और उपभोक्ताओं का विश्वास जीतने से सुनिश्चित होगी। उन्होंने उद्योग जगत से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में निरंतर प्रयास करने का भी आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि सरकार उद्योगों के लिए बेहतर कारोबारी माहौल, निवेश को बढ़ावा देने और विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए लगातार नीतिगत सुधार कर रही है, ताकि भारत वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में अपनी स्थिति और मजबूत कर सके।



