
आज पूरा देश लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती मना रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के केवडिया स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी से राष्ट्र को संबोधित करेंगे। देशभर में आज राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में कई भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद ‘रन फॉर यूनिटी’ का शुभारंभ करेंगे।
सरदार पटेल, जिन्हें ‘भारत का लौहपुरुष’ कहा जाता है, ने आजादी के बाद देश की 562 रियासतों को एकसूत्र में पिरोकर अखंड भारत का निर्माण किया था। उनकी अदम्य इच्छाशक्ति, दूरदृष्टि और नेतृत्व ने भारत को एकजुट रखने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। प्रधानमंत्री मोदी ने कई अवसरों पर कहा है कि “अगर सरदार पटेल न होते, तो आज भारत का नक्शा कुछ और होता।” यही कारण है कि उनकी जयंती हर साल राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई जाती है।
इस वर्ष जयंती विशेष रूप से ऐतिहासिक है क्योंकि यह 150वीं वर्षगांठ है। केवडिया में आयोजित समारोह में केंद्रीय मंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री और देशभर से आए हजारों लोग शामिल होंगे। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से सरदार पटेल के जीवन, संघर्ष और योगदान को प्रदर्शित किया जाएगा। साथ ही ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ थीम पर आधारित झांकियां भी दिखाई जाएंगी।
प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन में देश की एकता, विकास और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्यों पर विशेष जोर दिए जाने की संभावना है। वे यह संदेश देंगे कि सरदार पटेल का सपना आज के भारत में आत्मनिर्भरता, तकनीकी प्रगति और राष्ट्रीय सुरक्षा के रूप में साकार हो रहा है।
सरदार पटेल की जयंती न केवल एक श्रद्धांजलि का अवसर है, बल्कि यह हर भारतीय को एकजुटता, सेवा और समर्पण की भावना को जीवित रखने का संदेश भी देती है। उनकी विचारधारा आज भी देश के हर नागरिक को यह प्रेरणा देती है कि भारत की ताकत उसकी एकता और अखंडता में निहित है।
आज का दिन भारत के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज रहेगा, जब देश लौहपुरुष के प्रति कृतज्ञता और सम्मान प्रकट करेगा।



