प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ देशभर के नागरिकों के दिलों से जुड़ा एक संवाद बन चुका है। हर महीने के आखिरी रविवार को प्रसारित होने वाले इस कार्यक्रम में पीएम मोदी जनता से जुड़ी प्रेरक कहानियों, ऐतिहासिक प्रसंगों और देशवासियों के असाधारण योगदान को साझा करते हैं। जुलाई 2025 के ‘मन की बात’ के संस्करण में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जब उन्होंने उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के शुभांशु शुक्ला की खुले दिल से सराहना की और मराठा साम्राज्य के 12 ऐतिहासिक किलों की गाथा को भावनात्मक और गौरवपूर्ण ढंग से देश के सामने प्रस्तुत किया।
शुभांशु शुक्ला, एक युवा इतिहास प्रेमी और संरक्षणकर्ता हैं, जो पिछले कई वर्षों से भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करने में जुटे हैं। पीएम मोदी ने बताया कि शुभांशु न केवल पुस्तकों में इतिहास पढ़ते हैं, बल्कि उसे जमीनी स्तर पर जीवंत भी करते हैं। उन्होंने प्रयागराज के कई ऐतिहासिक स्थलों की खुदाई, शोध और दस्तावेजीकरण का काम किया है। इतना ही नहीं, उन्होंने युवाओं को भी इससे जोड़ने का प्रयास किया है ताकि हमारी विरासत सिर्फ स्मृति न बनकर प्रेरणा बने।
पीएम मोदी ने कहा, “शुभांशु जैसे युवाओं से हमें उम्मीदें हैं। वे न केवल अतीत को सम्मान देते हैं, बल्कि भविष्य के लिए उसे संजोते भी हैं।” उन्होंने शुभांशु के प्रयासों को ‘नए भारत के युवा शक्ति’ का प्रतीक बताया। यह बात हर भारतीय को गर्व से भर देती है कि देश का युवा वर्ग अपनी जड़ों से जुड़ने के साथ-साथ आधुनिकता की ओर भी अग्रसर है।
इस प्रसंग के बाद प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन का रुख मराठा साम्राज्य की ओर मोड़ा और छत्रपति शिवाजी महाराज के नेतृत्व में खड़े किए गए 12 प्रमुख किलों की वीरता और ऐतिहासिक महत्व को विस्तार से बताया। उन्होंने सिंहगढ़, रायगढ़, प्रतापगढ़, लोहगढ़, राजगढ़, शिवनेरी, जंजीरा, तोरणा, पुरंदर, वासोटा, जावली और विजयदुर्ग जैसे किलों की चर्चा करते हुए कहा कि ये सिर्फ पत्थरों की इमारतें नहीं, बल्कि भारत की वीरता, रणनीति और आत्मगौरव के प्रतीक हैं।
पीएम मोदी ने बताया कि कैसे ये किले मुगलों और अन्य आक्रमणकारियों के खिलाफ मराठा सेनाओं की दृढ़ता का प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि हमें सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इन स्थलों पर जाकर इतिहास को महसूस करना चाहिए। प्रधानमंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे इन ऐतिहासिक स्थलों की यात्राएं करें, और देश के गौरवशाली अतीत को आत्मसात करें।
उन्होंने खासकर महाराष्ट्र के युवाओं से आग्रह किया कि वे अपने स्थानीय इतिहास को जानें और देशभर के लोगों को उससे परिचित कराएं। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार देशभर में विरासत स्थलों के संरक्षण और विकास के लिए विशेष योजनाएं चला रही है, जिनमें जनसहयोग भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।



