President Murmu: समावेशी विकास से बनेगा मजबूत राष्ट्र, सभी के सहयोग पर दिया जोर

Droupadi Murmu ने देश को संबोधित करते हुए कहा कि भारत आज समावेशी समाज और विकसित राष्ट्र के निर्माण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि विकास तभी सार्थक होता है, जब उसका लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे और कोई भी व्यक्ति पीछे न छूटे। राष्ट्रपति ने अपने संदेश में सामाजिक समानता, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक अवसरों को मजबूत करने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाएं और पहल इसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही हैं, ताकि देश के दूरदराज के क्षेत्रों तक भी विकास की रोशनी पहुंच सके। Droupadi Murmu ने यह भी कहा कि समावेशी समाज का निर्माण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए नागरिकों की भागीदारी भी उतनी ही जरूरी है। उन्होंने युवाओं को देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया और महिलाओं के सशक्तिकरण को भी राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण आधार बताया। राष्ट्रपति के अनुसार, शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाकर देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है और इसे एकता के साथ आगे बढ़ाना ही हमारी जिम्मेदारी है। राष्ट्रपति ने पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के महत्व को भी रेखांकित किया और कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और समृद्ध भविष्य सुनिश्चित करना हम सभी का कर्तव्य है। उनके इस संदेश में आत्मनिर्भरता, नवाचार और सामाजिक समरसता को विशेष स्थान दिया गया। कुल मिलाकर, Droupadi Murmu का यह बयान देश के लिए एक सकारात्मक दिशा का संकेत देता है, जिसमें हर नागरिक की भागीदारी और समान अवसरों के माध्यम से भारत को एक विकसित और सशक्त राष्ट्र बनाने का लक्ष्य स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।



