देश भर के पीठासीन अधिकारियों ने किया श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का दर्शन, अयोध्या में ऐतिहासिक क्षण

अयोध्या, 22 जनवरी। प्रभु श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या में आज एक विशेष और ऐतिहासिक अवसर देखने को मिला, जब देश भर से आए पीठासीन अधिकारियों ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर पहुंचकर प्रभु श्रीराम का विधिवत दर्शन और पूजन किया। इस अवसर पर मंदिर परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा और श्रद्धा से ओत-प्रोत नजर आया। देश के विभिन्न राज्यों से आए पीठासीन अधिकारियों का नेतृत्व उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने किया। मंदिर पहुंचने पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय सहित मंदिर प्रबंधन से जुड़े अन्य पदाधिकारियों ने सभी आगंतुकों का आत्मीय स्वागत और अभिनंदन किया।
दर्शन-पूजन के उपरांत पीठासीन अधिकारियों के लिए मंदिर परिसर में ही भोजन की विशेष व्यवस्था की गई थी, जिसमें सभी अतिथियों ने प्रसाद स्वरूप भोजन ग्रहण किया। इसके बाद पीएफसी संवाद कक्ष में एक महत्वपूर्ण संवाद कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जहां तीर्थ क्षेत्र महासचिव चंपत राय ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े लंबे संघर्ष, ऐतिहासिक घटनाओं और मंदिर निर्माण की पूरी यात्रा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार दशकों तक चले सामाजिक, कानूनी और वैचारिक संघर्ष के बाद यह सपना साकार हुआ और आज भव्य मंदिर के रूप में सभी के सामने है।
चंपत राय ने यह भी कहा कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक है। उन्होंने पीठासीन अधिकारियों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने राज्यों में इस ऐतिहासिक संघर्ष और मंदिर निर्माण की प्रेरणादायक कथा को जन-जन तक पहुंचाएं।
पीठासीन अधिकारियों ने भी मंदिर दर्शन के अनुभव को अविस्मरणीय बताते हुए कहा कि अयोध्या आकर उन्हें भारत की सनातन परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की जीवंत अनुभूति हुई है। उन्होंने मंदिर निर्माण से जुड़े सभी लोगों के प्रयासों की सराहना की और इसे देश की एकता और आस्था का प्रतीक बताया। पूरे कार्यक्रम के दौरान वातावरण श्रद्धा, अनुशासन और सौहार्द से परिपूर्ण रहा, जिसने इस यात्रा को ऐतिहासिक और स्मरणीय बना दिया।



