यूपी में 1 फरवरी से आधार से संपत्ति रजिस्ट्री अनिवार्य

उत्तर प्रदेश में पहली फरवरी से सभी प्रकार की संपत्तियों की रजिस्ट्री अब आधार कार्ड के माध्यम से प्रमाणित की जाएगी। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य रजिस्ट्री प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना और फर्जीवाड़े पर रोक लगाना है। आधार प्रमाणीकरण से संपत्ति मालिक की पहचान सुनिश्चित होगी, जिससे रियल एस्टेट से जुड़े विवादों में कमी आने की उम्मीद है।
नई व्यवस्था के तहत रजिस्ट्री के समय संपत्ति खरीदार और विक्रेता दोनों का आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य होगा। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि लेन-देन में शामिल सभी पक्ष वास्तविक हैं। सरकार का मानना है कि इस कदम से बेनामी संपत्तियों और फर्जी दस्तावेजों पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
आधार आधारित रजिस्ट्री प्रणाली को लागू करने के लिए सभी उप-निबंधक कार्यालयों में तकनीकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अधिकारियों को भी नई प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया गया है ताकि आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो। रजिस्ट्री के दौरान बायोमेट्रिक सत्यापन के माध्यम से पहचान की पुष्टि की जाएगी।
सरकार के इस फैसले से आम नागरिकों के साथ-साथ रियल एस्टेट सेक्टर को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। पारदर्शी प्रक्रिया से भरोसा बढ़ेगा और संपत्ति से जुड़े विवादों में कमी आएगी। इसके अलावा, डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहने से भविष्य में दस्तावेज़ों की सत्यता पर सवाल नहीं उठेंगे।
हालांकि, जिन लोगों का आधार अपडेट नहीं है, उन्हें रजिस्ट्री से पहले अपना आधार विवरण सही कराने की सलाह दी गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि बिना आधार प्रमाणीकरण के रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकेगी।



