यूपी में 30 साल बाद बदले जाएंगे PWD विभाग के नियम, योगी सरकार ने लिया बड़ा फैसला

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए राज्य के लोक निर्माण विभाग (PWD) के 30 साल पुराने नियमों में बदलाव करने का फैसला लिया है। यह परिवर्तन राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर और इंजीनियरिंग सेवाओं में पारदर्शिता, कार्यकुशलता और जवाबदेही लाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। 1990 में बनी “उ0प्र0 अभियंता सेवा (लो0नि0वि0) उच्चतर नियमावली” अब तीस साल बाद संशोधित की जा रही है, जिससे राज्य के इंजीनियरों के पदोन्नति, भर्ती और वित्तीय अधिकारों में बड़ा सुधार होगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास 5, कालिदास मार्ग लखनऊ पर हुई उच्चस्तरीय बैठक में इस नियमावली में तीसरे संशोधन को सैद्धांतिक मंजूरी दी। बैठक में विभागीय प्रस्तुतीकरण के दौरान यह भी चर्चा हुई कि पुराने ढांचे में कई खामियां और देरी की स्थितियां बनी रहती थीं, जिससे विकास कार्यों की गति प्रभावित होती थी। अब नई नीति के लागू होने के बाद अधिकारियों के वित्तीय अधिकारों का पुनर्गठन किया जाएगा ताकि परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जा सके।
इसके अलावा, सरकार ने विभागीय पदोन्नति और भर्ती प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में भी कदम बढ़ाया है। इससे योग्यता आधारित चयन प्रणाली को बल मिलेगा और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी। सरकार का मानना है कि PWD जैसे विभाग राज्य के बुनियादी ढांचे की रीढ़ हैं, इसलिए यहां पारदर्शिता और कार्यकुशलता सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।
विशेषज्ञों का कहना है कि 30 साल बाद हुए इस बदलाव से विभाग के ढांचे में नई ऊर्जा का संचार होगा। यह निर्णय न केवल कर्मचारियों के लिए लाभदायक साबित होगा बल्कि सड़कों, पुलों और अन्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में भी सुधार लाएगा। योगी सरकार का यह कदम “समृद्ध उत्तर प्रदेश” के विजन को मजबूत दिशा प्रदान करेगा और विकास की रफ्तार को और तेज करेगा।



