दुनिया एक बार फिर गंभीर संकट के मुहाने पर खड़ी दिखाई दे रही है, जब रूस के पूर्व राष्ट्रपति और वर्तमान में शक्तिशाली सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव ने एक भड़काऊ बयान में कहा कि यदि यूक्रेन युद्ध और आगे बढ़ा, तो रूस पश्चिमी देशों पर सीधा हमला कर सकता है। यह धमकी केवल किसी सैन्य रणनीति का हिस्सा नहीं, बल्कि तीसरे विश्वयुद्ध की संभावित आहट के रूप में देखी जा रही है। मेदवेदेव ने यह भी कहा कि अगर नाटो (NATO) या अमेरिका द्वारा यूक्रेन को और अधिक हथियार या समर्थन दिया गया, तो रूस इसे “सीधा युद्ध” मानेगा और उसका जवाब “विनाशकारी” होगा।
यह बयान ऐसे समय पर आया है जब यूक्रेन को अमेरिका और यूरोपीय देशों से लगातार सैन्य सहायता मिल रही है, जिसमें एडवांस हथियार, रडार सिस्टम और टैंक तक शामिल हैं। रूस इसे पश्चिमी देशों की “घोषित दुश्मनी” के रूप में देख रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह स्थिति अनियंत्रित रही, तो यह विश्व युद्ध की ओर बढ़ सकती है। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी हलचल देखी गई और कूटनीतिक हलकों में बेचैनी बढ़ गई है।
मेदवेदेव पहले भी अपने कठोर बयानों के लिए जाने जाते हैं, लेकिन इस बार उन्होंने सीधे परमाणु हथियारों के प्रयोग की भी अप्रत्यक्ष चेतावनी दी है। उनका कहना था कि “रूस की सुरक्षा और अस्तित्व खतरे में पड़ा, तो हमारे पास हर विकल्प खुला होगा।” यह सीधा इशारा है कि परमाणु विकल्प भी मेज पर है।
विश्व समुदाय पहले ही यूक्रेन युद्ध के चलते खाद्य संकट, ऊर्जा संकट और महंगाई की मार झेल रहा है। यदि यह युद्ध और व्यापक रूप लेता है, तो उसके असर से कोई देश अछूता नहीं रहेगा। भारत, चीन, यूरोप और अमेरिका सभी इस तनाव को कम करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन रूस के ताज़ा बयान ने इन कोशिशों पर पानी फेरने का काम किया है।



