
हाल ही में आयोजित GEC समिट में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि आज का भारत वैश्विक मंच पर एक भरोसेमंद और जिम्मेदार साथी के रूप में उभर रहा है। उन्होंने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत ने संतुलित, व्यावहारिक और सिद्धांत आधारित विदेश नीति अपनाई है, जिसके कारण विश्व समुदाय का विश्वास लगातार मजबूत हुआ है। जयशंकर ने कहा कि भारत न केवल अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करता है, बल्कि वैश्विक दक्षिण की आवाज को भी मजबूती से उठाता है। ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य आपूर्ति, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और आपदा सहायता जैसे क्षेत्रों में भारत की सक्रिय भूमिका ने उसकी विश्वसनीयता को नई पहचान दी है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि महामारी के दौरान वैक्सीन मैत्री पहल, प्राकृतिक आपदाओं में राहत कार्य और संकटग्रस्त देशों की मदद ने भारत की छवि को एक जिम्मेदार शक्ति के रूप में स्थापित किया।
विदेश मंत्री ने कहा कि आज विश्व व्यवस्था संक्रमण के दौर से गुजर रही है, जहां भरोसा और पारदर्शिता सबसे महत्वपूर्ण मूल्य बन चुके हैं। ऐसे समय में भारत ने संवाद, सहयोग और बहुपक्षीय साझेदारी को प्राथमिकता दी है। उन्होंने निवेश, तकनीक, हरित ऊर्जा और आपूर्ति श्रृंखला के विविधीकरण में भारत की बढ़ती भूमिका पर भी प्रकाश डाला। जयशंकर ने दोहराया कि भारत किसी गुट की राजनीति में विश्वास नहीं करता, बल्कि ‘सबके साथ, सबके विकास’ की भावना से आगे बढ़ता है। उनके अनुसार, भारत की आर्थिक प्रगति, लोकतांत्रिक मजबूती और युवा शक्ति उसे वैश्विक विकास का प्रमुख इंजन बना रही है। GEC समिट में उनके इस बयान को भारत की कूटनीतिक सफलता और अंतरराष्ट्रीय साख के प्रमाण के रूप में देखा जा रहा है, जो आने वाले समय में वैश्विक सहयोग को नई दिशा दे सकता है।



