सिंगापुर में गूंजे ‘Yogi-Yogi’ के नारे, CM योगी बोले- माता और मातृभूमि का कर्ज कभी नहीं उतरता

सिंगापुर दौरे पर पहुंचे योगी आदित्यनाथ का भव्य स्वागत हुआ, जहां प्रवासी भारतीयों और स्थानीय समुदाय ने ‘Yogi-Yogi’ के नारों से पूरा सभागार गुंजा दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने भावुक अंदाज में कहा कि व्यक्ति चाहे दुनिया के किसी भी कोने में पहुंच जाए, लेकिन माता और मातृभूमि का कर्ज कभी नहीं भूल सकता। उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक जड़ें इतनी गहरी हैं कि वह हर भारतीय को अपनी मिट्टी से जोड़े रखती हैं। अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में हो रहे बुनियादी ढांचे के विकास, निवेश के बढ़ते अवसरों और कानून-व्यवस्था में सुधार का उल्लेख करते हुए प्रवासी भारतीयों को राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश देश की ग्रोथ इंजन के रूप में उभर रहा है और सरकार उद्योग, आईटी, पर्यटन और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में वैश्विक साझेदारी को बढ़ावा दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगापुर और भारत के संबंध ऐतिहासिक और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं, और दोनों के बीच सहयोग के नए आयाम खुल रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने उत्तर प्रदेश में हो रहे बदलावों की सराहना की और राज्य की प्रगति पर गर्व जताया। योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि नई पीढ़ी को भारतीय संस्कारों और परंपराओं से जोड़कर रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रवासी भारतीयों से अपील की कि वे अपनी मातृभूमि से जुड़े रहें और विकास यात्रा में सहभागी बनें। सिंगापुर में गूंजे ‘Yogi-Yogi’ के नारों ने यह संकेत दिया कि वैश्विक मंच पर भी उत्तर प्रदेश और उसके नेतृत्व को नई पहचान मिल रही है। मुख्यमंत्री का यह दौरा निवेश, सांस्कृतिक संबंधों और वैश्विक सहयोग के लिहाज से अहम माना जा रहा है।



