


कोविड-19 महामारी के दौरान आम लोगों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए Supreme Court of India ने कई मामलों में स्वतः संज्ञान लेते हुए सुनवाई शुरू की थी। अब इन मामलों में हालात सामान्य होने के बाद कोर्ट ने इन सभी लंबित स्वतः संज्ञान याचिकाओं को बंद करने का फैसला लिया है।
इन मामलों में ऑक्सीजन सप्लाई, अस्पतालों की व्यवस्था, दवाओं की उपलब्धता और प्रवासी मजदूरों से जुड़े मुद्दे शामिल थे। उस समय सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों को कई निर्देश भी दिए थे ताकि आपात स्थिति को संभाला जा सके।
अब जब महामारी की स्थिति पहले जैसी गंभीर नहीं रही, तो अदालत ने माना कि इन मामलों में आगे नियमित निगरानी या हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। इसलिए इन स्वतः संज्ञान मामलों को औपचारिक रूप से समाप्त कर दिया गया है।
इस फैसले को न्यायिक प्रक्रिया के सामान्यीकरण के रूप में देखा जा रहा है, जिससे अदालत अब अन्य महत्वपूर्ण लंबित मामलों पर ध्यान केंद्रित कर सकेगी।