
मुजफ्फरपुर में आयोजित एक जनसभा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार की राजनीति पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरजेडी नेता और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि “तेजस्वी की सरकार में किडनैपिंग, रंगदारी और मर्डर जैसे अपराधों के लिए तीन नए मंत्रालय बनाए जाने चाहिए।” अमित शाह के इस बयान से राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है।
अमित शाह ने कहा कि जब से बिहार में महागठबंधन की सरकार बनी है, तब से राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति बद से बदतर हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं और जनता असुरक्षित महसूस कर रही है। शाह ने तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए कहा कि “जिनके परिवार के इतिहास में भ्रष्टाचार और अपराध की कहानियाँ दर्ज हैं, उनसे सुशासन की उम्मीद कैसे की जा सकती है?”
गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है, जबकि बिहार में भ्रष्टाचार, परिवारवाद और जंगलराज फिर से लौट रहा है। उन्होंने जनता से अपील की कि आगामी चुनावों में बीजेपी को पूर्ण बहुमत से जिताकर बिहार को फिर से अपराधमुक्त बनाया जाए।
अमित शाह ने अपने भाषण में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने सिर्फ सत्ता के लिए सिद्धांतों का बलिदान किया है। उन्होंने कहा कि “नीतीश बाबू की राजनीति अब अवसरवाद का प्रतीक बन चुकी है।” शाह ने भरोसा दिलाया कि अगर बिहार में बीजेपी की सरकार बनी, तो राज्य में न केवल कानून व्यवस्था बहाल होगी, बल्कि रोजगार, शिक्षा और विकास को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
मुजफ्फरपुर की यह रैली बीजेपी के चुनावी अभियान का एक अहम हिस्सा मानी जा रही है। अमित शाह के इस बयान ने जहां पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भर दिया है, वहीं विपक्षी दलों ने इसे चुनावी स्टंट बताया है। कुल मिलाकर, बिहार की राजनीति एक बार फिर गर्म हो गई है और आने वाले दिनों में यह बयानबाजी और भी तेज होने की संभावना है।



