नौसेना की ताकत बढ़ाएगा ‘तारागिरी’: स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट 3 अप्रैल को होगा शामिल

भारतीय समुद्री सुरक्षा को और मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए भारतीय नौसेना को जल्द ही एक और आधुनिक युद्धपोत मिलने जा रहा है। स्वदेशी तकनीक से तैयार स्टील्थ फ्रिगेट ‘तारागिरी’ 3 अप्रैल को औपचारिक रूप से नौसेना के बेड़े में शामिल किया जाएगा। यह उपलब्धि भारत की रक्षा निर्माण क्षमता और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।
‘तारागिरी’ प्रोजेक्ट 17A के तहत बनाए जा रहे उन्नत फ्रिगेट्स में से एक है। इस परियोजना का उद्देश्य अत्याधुनिक तकनीक से लैस ऐसे युद्धपोत तैयार करना है, जो दुश्मन की नजरों से बचते हुए प्रभावी तरीके से मिशन को अंजाम दे सकें। स्टील्थ तकनीक के कारण यह जहाज रडार पर कम दिखाई देता है, जिससे इसकी रणनीतिक क्षमता और भी बढ़ जाती है।
इस युद्धपोत का निर्माण Mazagon Dock Shipbuilders Limited द्वारा किया गया है, जो भारत की प्रमुख शिपबिल्डिंग कंपनियों में से एक है। ‘तारागिरी’ में अत्याधुनिक हथियार प्रणाली, मिसाइल लॉन्चिंग सिस्टम, आधुनिक रडार और निगरानी उपकरण लगाए गए हैं, जो इसे बहु-आयामी युद्ध के लिए सक्षम बनाते हैं।
‘तारागिरी’ न केवल दुश्मन के जहाजों को निशाना बनाने में सक्षम है, बल्कि यह हवा और पानी के नीचे मौजूद खतरों से भी निपट सकता है। इसमें एंटी-शिप मिसाइल, एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम और एंटी-सबमरीन वारफेयर जैसी क्षमताएं शामिल हैं। इसके अलावा, इसमें हेलीकॉप्टर संचालन की भी सुविधा है, जिससे इसकी ऑपरेशनल क्षमता और बढ़ जाती है।
भारत सरकार ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी निर्माण को लगातार बढ़ावा दे रही है। ‘तारागिरी’ इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण है, जो दर्शाता है कि भारत अब आधुनिक युद्धपोतों के निर्माण में आत्मनिर्भर बनता जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ‘तारागिरी’ के शामिल होने से भारतीय नौसेना की ताकत में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक स्थिति और मजबूत होगी। यह युद्धपोत समुद्री सीमाओं की सुरक्षा, निगरानी और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए बेहद अहम साबित होगा।
कुल मिलाकर, ‘तारागिरी’ का नौसेना में शामिल होना भारत की सैन्य शक्ति और तकनीकी प्रगति का प्रतीक है। आने वाले समय में यह देश की समुद्री सुरक्षा को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।



