
फ्रांस की राजधानी पेरिस में हुई अब तक की सबसे बड़ी ज्वेलरी चोरी का पर्दाफाश आखिरकार पुलिस ने कर दिया है। करीब 895 करोड़ रुपये मूल्य के हीरे-जवाहरात और गहनों की चोरी करने वाले गिरोह के सदस्यों को फ्रांसीसी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह डकैती कुछ हफ्ते पहले पेरिस के एक लक्ज़री ज्वेलरी स्टोर में की गई थी, जिसने पूरे यूरोप में हड़कंप मचा दिया था। बताया जा रहा है कि चोरों ने इस चोरी को अंजाम देने के लिए बेहद सटीक योजना बनाई थी और फिल्मों की तरह आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया था।
पुलिस जांच के अनुसार, गिरोह के सदस्यों ने पहले ज्वेलरी स्टोर की सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों की स्थिति और गार्ड की ड्यूटी का गहन अध्ययन किया। उसके बाद एक दिन दोपहर के समय, जब स्टोर में भीड़ कम थी, उन्होंने नकली पहचान पत्रों और फर्जी यूनिफॉर्म का इस्तेमाल कर खुद को डिलीवरी स्टाफ बताया। अंदर घुसते ही उन्होंने स्टाफ को बंधक बना लिया और कुछ ही मिनटों में कीमती हीरे और नेकलेस लेकर फरार हो गए।
घटना के बाद फ्रांस की पुलिस ने पूरे शहर में हाई अलर्ट जारी किया और इंटरपोल की मदद से चोरों की तलाश शुरू की। कई सीसीटीवी फुटेज और ड्रोन सर्विलांस की मदद से पुलिस ने गिरोह की लोकेशन ट्रैक की। बताया जा रहा है कि चोरी के बाद यह गिरोह स्विट्जरलैंड के रास्ते बेल्जियम भागने की फिराक में था, लेकिन पुलिस ने उन्हें बॉर्डर क्रॉस करने से पहले ही दबोच लिया।
फ्रांस के गृह मंत्री ने इस गिरफ्तारी को “एक बड़ी सफलता” बताया है और कहा कि यह गिरोह पिछले कई महीनों से यूरोप के कई देशों में ज्वेलरी स्टोर्स को निशाना बना रहा था। इस घटना ने एक बार फिर से यह सवाल खड़ा कर दिया है कि दुनिया के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले शहरों में भी अपराधी किस तरह सुरक्षा तंत्र को चुनौती दे रहे हैं। फिलहाल पुलिस चोरी के गहनों की बरामदगी में जुटी हुई है और यह जांच कर रही है कि इस गिरोह के पीछे कोई अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क तो नहीं जुड़ा था।



