‘SIR से डरने की जरूरत नहीं’, बानू मुश्ताक की लोगों से अपील

बुकर पुरस्कार विजेता लेखिका बानू मुश्ताक ने विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) को लेकर लोगों से शांत रहने और किसी भी तरह की आशंका या अफवाह से प्रभावित न होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि “SIR से डरने की जरूरत नहीं है।” उनका मानना है कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी और जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण है।
बानू मुश्ताक ने लोगों से अपील की कि यदि किसी दस्तावेज या जानकारी की आवश्यकता हो तो समय पर उसे उपलब्ध कराएं और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करें। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की गलत सूचना या अफवाह के आधार पर निष्कर्ष निकालने के बजाय आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करना चाहिए। इससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सकेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र की मजबूती नागरिकों की भागीदारी पर निर्भर करती है। इसलिए सभी पात्र लोगों को अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए संबंधित प्रक्रिया में सहयोग करना चाहिए। बानू मुश्ताक की यह अपील ऐसे समय आई है जब SIR को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चा और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।



