तीन दिवसीय रोजगार महाकुंभ संपन्न: 16,897 युवाओं को मिला रोजगार, सरकार का संकल्प हर हाथ को काम

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित तीन दिवसीय रोजगार महाकुंभ का सफलतापूर्वक समापन हुआ, जिसने राज्य के हजारों युवाओं के जीवन में नई उम्मीद और नई राह दिखाई। इस महाकुंभ में विभिन्न कंपनियों और संस्थानों ने भाग लेते हुए रोजगार के नए अवसर प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के अंतर्गत कुल 16,897 युवाओं का चयन विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों एवं संस्थानों में हुआ, जो प्रदेश में रोजगार के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रमुख सचिव अवनीश अवस्थी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार दृढ़ संकल्पित है कि प्रदेश का कोई भी युवा बेरोजगार न रहे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार लगातार रोजगारपरक योजनाओं को लागू कर रही है, ताकि हर युवा को उसके कौशल और योग्यता के अनुसार उचित अवसर मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं है, बल्कि निजी क्षेत्र में भी रोजगार की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए कार्य कर रही है।
रोजगार महाकुंभ में प्रदेशभर से आए युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यहां विभिन्न क्षेत्रों जैसे—आईटी, स्वास्थ्य, विनिर्माण, बैंकिंग, बीमा, इंजीनियरिंग, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल और शिक्षा क्षेत्र की कंपनियों ने प्रतिभाशाली उम्मीदवारों का चयन किया। इससे न केवल युवाओं को रोजगार के अवसर मिले बल्कि कंपनियों को भी योग्य और प्रशिक्षित प्रतिभाएं प्राप्त हुईं।
महाकुंभ में चयनित युवाओं ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इस आयोजन से उनके सपनों को नई दिशा मिली है। कई युवाओं ने यह माना कि इस प्रकार के रोजगार मेले न केवल नौकरी दिलाने में सहायक होते हैं बल्कि आत्मविश्वास और कौशल विकास का भी माध्यम बनते हैं।
कार्यक्रम में विशेषज्ञों द्वारा युवाओं को इंटरव्यू टिप्स, करियर काउंसलिंग और व्यक्तित्व विकास से जुड़ी जानकारियां भी प्रदान की गईं। इससे युवाओं को भविष्य में बेहतर अवसरों के लिए तैयार किया गया।
रोजगार महाकुंभ की सफलता यह साबित करती है कि सरकार और प्रशासन मिलकर यदि सही दिशा में प्रयास करें तो बेरोजगारी की चुनौती को काफी हद तक दूर किया जा सकता है। यह आयोजन प्रदेश की युवा शक्ति को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में प्रदेश को न केवल आत्मनिर्भर बनाया जाए बल्कि इसे निवेश और रोजगार का केंद्र भी स्थापित किया जाए।
इस प्रकार, तीन दिवसीय रोजगार महाकुंभ ने न केवल 16,897 युवाओं को रोजगार दिया, बल्कि लाखों अन्य युवाओं में यह विश्वास भी जगाया कि यदि उनके पास कौशल और इच्छाशक्ति है तो अवसरों की कोई कमी नहीं है।



