लौह पुरुष सरदार पटेल को श्रद्धांजलि: 567 रियासतों के एकीकरण पर बोले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

आधुनिक भारत के शिल्पकार और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जी की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने अपने संबोधन में देश की एकता, अखंडता और राष्ट्र निर्माण में सरदार पटेल के अतुलनीय योगदान को भावपूर्ण शब्दों में याद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 567 रियासतों को भारत गणराज्य का हिस्सा बनाना कोई साधारण कार्य नहीं था, यह अदम्य साहस, दृढ़ संकल्प और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण का उदाहरण है। सरदार पटेल ने अपने मजबूत नेतृत्व और दूरदर्शिता से उस समय देश को एक सूत्र में पिरोया, जब आज़ाद भारत अनेक चुनौतियों से जूझ रहा था।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरदार पटेल का जीवन हमें यह सिखाता है कि राष्ट्र सर्वोपरि होता है और उसके लिए कठोर निर्णय लेना भी आवश्यक हो जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरदार पटेल का नेतृत्व और उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति न होती, तो आज का भारत इतना सशक्त, एकजुट और सुरक्षित न होता। सरदार पटेल ने न केवल राजनीतिक एकीकरण किया, बल्कि प्रशासनिक ढांचे को भी मजबूती दी, जिसकी नींव पर आज का भारत आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि आज जब देश “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना के साथ आगे बढ़ रहा है, तब सरदार पटेल के विचार और भी अधिक प्रासंगिक हो जाते हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे सरदार पटेल के जीवन से प्रेरणा लें और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं। सरदार पटेल का अनुशासन, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा आज के समय में हर नागरिक के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत हैं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की आंतरिक सुरक्षा, प्रशासनिक एकता और राष्ट्रीय स्वाभिमान की जो मजबूत आधारशिला सरदार पटेल ने रखी, वही आज भारत को वैश्विक मंच पर सम्मान दिला रही है। उन्होंने यह भी कहा कि लौह पुरुष की स्मृति को नमन करना केवल श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प है। अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल का नाम भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा और आने वाली पीढ़ियां भी उन्हें भारत की एकता के महान शिल्पकार के रूप में सदैव याद करती रहेंगी।



