यूपी दिवस 2026: मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर देशभर में होंगे कार्यक्रम, गिनाई जाएंगी उपलब्धियां

उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर इस वर्ष देशभर में व्यापक और भव्य कार्यक्रमों के आयोजन की तैयारी की जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस संबंध में मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यूपी दिवस को केवल एक औपचारिक आयोजन न बनाकर प्रदेश की पहचान, उपलब्धियों और विकास यात्रा को देश के हर कोने तक पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने बीते वर्षों में कानून-व्यवस्था, बुनियादी ढांचे, निवेश, रोजगार, कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है, जिसे यूपी दिवस के कार्यक्रमों के माध्यम से आम जनता तक प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों की राजधानियों और प्रमुख शहरों में सांस्कृतिक, औद्योगिक और विकास आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, ताकि उत्तर प्रदेश की नई छवि राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूत हो सके।
मुख्यमंत्री योगी ने मंत्रियों को यह भी कहा कि प्रत्येक विभाग अपनी-अपनी उपलब्धियों का संक्षिप्त लेकिन प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण तैयार करे। इन कार्यक्रमों में निवेशकों को आमंत्रित कर प्रदेश में बने सकारात्मक कारोबारी माहौल, एक्सप्रेसवे नेटवर्क, औद्योगिक कॉरिडोर, डिफेंस और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में हुई प्रगति को प्रमुखता से दिखाया जाए। साथ ही, ओडीओपी योजना, स्वयं सहायता समूहों, स्टार्टअप्स और युवाओं के लिए शुरू की गई रोजगारपरक योजनाओं को भी मंच दिया जाए।
यूपी दिवस के आयोजनों में प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक कला, लोक संगीत, हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यंजनों की झलक भी देखने को मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे न केवल प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को बल मिलेगा, बल्कि कारीगरों और कलाकारों को भी राष्ट्रीय मंच प्राप्त होगा। उन्होंने सभी मंत्रियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रमों का समन्वय बेहतर ढंग से किया जाए और प्रचार-प्रसार में डिजिटल माध्यमों का अधिक से अधिक उपयोग हो।
मुख्यमंत्री योगी का मानना है कि यूपी दिवस प्रदेशवासियों में गौरव की भावना को सुदृढ़ करने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों की पंक्ति में स्थापित करने का सशक्त माध्यम है। इन आयोजनों के जरिए सरकार की नीतियों, योजनाओं और विकास के परिणामों को पारदर्शी तरीके से सामने लाया जाएगा, जिससे जनता का विश्वास और सहभागिता दोनों मजबूत होंगे।



