यूपी विधान मंडल बजट सत्र 2026-27: वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने पेश किया विकास का खाका

उत्तर प्रदेश विधान मंडल के बजट सत्र 2026-27 में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री सुरेश खन्ना ने राज्य के विकास की नई दिशा तय करने वाला बजट प्रस्तुत किया। 11 फरवरी को पेश किए गए इस बजट में सरकार ने बुनियादी ढांचे के विस्तार, रोजगार सृजन, कृषि सुदृढ़ीकरण, औद्योगिक निवेश और सामाजिक कल्याण योजनाओं को प्राथमिकता देने का स्पष्ट संदेश दिया। बजट भाषण के दौरान मंत्री ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ-साथ आम नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर करना सरकार का मुख्य उद्देश्य है।
वित्त मंत्री ने सड़कों, एक्सप्रेस-वे, मेट्रो परियोजनाओं और शहरी विकास के लिए बड़े प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी से निवेश को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तैयार होंगे। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों के लिए पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। किसानों के हित में सिंचाई परियोजनाओं, आधुनिक कृषि तकनीकों और फसल मूल्य संवर्धन से जुड़े कदमों को आगे बढ़ाने की बात कही गई।
सरकार ने महिलाओं, युवाओं और कमजोर वर्गों के सशक्तिकरण के लिए चल रही योजनाओं को और प्रभावी बनाने का भरोसा दिया। स्टार्टअप, कौशल विकास और एमएसएमई सेक्टर को प्रोत्साहन देने के लिए वित्तीय सहायता और नीतिगत समर्थन का खाका भी बजट में रखा गया। मंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि उत्तर प्रदेश तेजी से देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में अपनी जगह मजबूत कर रहा है और यह बजट उसी रफ्तार को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएगा।
बजट पेश करते हुए सुरेश खन्ना ने कहा कि सरकार पारदर्शिता, सुशासन और विकास के संतुलन के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह बजट प्रदेश को आत्मनिर्भरता की ओर ले जाएगा और हर वर्ग तक विकास का लाभ पहुंचाने में मदद करेगा। विपक्ष की प्रतिक्रियाओं के बीच सत्ता पक्ष ने इसे विकासोन्मुख और जनहितैषी बजट बताया, जो आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदलने की क्षमता रखता है।



